कालेजों पर लगाए आरोप
खण्डवा के छात्र प्रान्शु अग्रवाल व अन्य की ओर से दायर की गईं याचिकाओं पर विगत 10 नवम्बर को कोर्ट में सुनवाई हुई थी। इन छात्रों ने एमबीबीएस कोर्स की तीसरे दौर की 10 सितंबर की दोपहर और फिर उसी दिन शाम को चौथे दौर की हुई काउंसलिंग पर सवाल उठाए हैं। छात्रों का आरोप है कि तीसरे दौर की काउंसलिंग में दिन में 163 सीटों को ब्लॉक किया गया और रात 7-३० बजे शुरु हुई चौथे दौर की मॉप अप राउण्ड की काउंसलिंग में इनमें से 94 सीटों पर एडमीशन दिए गए। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि रात को जारी हुई मैरिट सूची में से किसी भी छात्र को इन 94 सीटों पर एडमीशन नहीं दिया गया। इन सीटों पर एडमीशन उन छात्रों को दिया गया, जिनके करीब दो सौ अंक थे और जो मध्य प्रदेश से बाहर रहने वाले छात्र थे। जो छात्र एनआरआई की परिभाषा में भी नहीं आते उन्हें भी एडमीशन दे दिए गए। याचिका में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग के प्रमुख सचिव व डीएमई सहित अरविंदो मेडिकल कालेज, चिरायु मेडिकल कालेज, आरडीगार्डी मेडिकल कालेज, एलएन मेडिकल कालेज, पीपुल्स मेडिकल कालेज को पक्षकार बनाया गया है।