jabalpur Medical : नसों की बीमारी, ब्रेन ट्यूमर, ब्रेन हैमरेज, लकवा, ब्लॉकेज व अन्य बीमारियों की जांच में अब मरीज के अंगों की ज्यादा स्पष्ट इमेज मिल सकेगी।
jabalpur Medical : नसों की बीमारी, ब्रेन ट्यूमर, ब्रेन हैमरेज, लकवा, ब्लॉकेज व अन्य बीमारियों की जांच में अब मरीज के अंगों की ज्यादा स्पष्ट इमेज मिल सकेगी। मरीजों को रेडिएशन का खतरा भी कम होगा। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जल्दी ही एमआर्रआइ व सीटी स्कैन की दो अत्याधुनिक मशीन लगेंगी। उन्हें स्थापित करने के लिए एमआरआई व सीटी स्कैन की सेवा मुहैया करा रही एजेंसी सान्या डायग्नोस्टिक को परिसर खाली करने के लिए फाइनल अल्टीमेटम दिया गया है।
मेडिकल कॉलेज के रेडियोलॉजी विभाग के पीजी स्टूडेंट्स पहली बार एमआरआइ व सीटी स्कैन की मशीनों का संचालन करेंगे। अब सामान्य मरीजों को भी रियायती दरों पर जांच की सुविधा मिलेगी। निजी अस्पतालों में एमआरआइ जांच 15 से 20 हजार रुपए, जबकि सीटी स्कैन 4 हजार रुपए तक में होता है। सूत्रों के अनुसार नई मशीनों से जांच 800 से 1800 रुपए में होगी। सरकारी मशीन होने से जांच दर केन्द्र सरकार की हेल्थ स्कीम (सीजीएचएस) के अनुसार रहेगी। हालांकि, अभी इसकी दर तय नहीं हुई है।
नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) ने स्टूडेंट्स की पढ़ाई के उद्देश्य से कॉलेजों को स्वयं की सीटी स्कैन और एमआरआइ मशीन लगाने के लिए कहा है।
● उच्च क्षेत्र शक्ति (3 टेस्ला या अधिक) प्रदान करती हैं, जिससे उच्च गुणवत्ता वाली इमेज
● तेज़ स्कैनिंग समय से रोगियों को कम समय तक मशीन में रहना पड़ता है
● छोटे विवरणों को भी स्पष्ट रूप से दिखाने में मदद मिलेगी
● वाइड-बोर डिज़ाइन रोगियों को अधिक सहज है
● कार्डियक और वास्कुलर इमेजिंग के लिए विशेष सुविधाएं
● कंट्रास्ट एजेंट के साथ इमेजिंग के लिए विशेष सुविधाएं
● पीडियाट्रिक और नियोनेटल इमेजिंग, बच्चों और नवजात शिशुओं के लिए उपयुक्त
● रेडिएशन डोज़ कंट्रोल, ये क्षमता रोगियों को कम रेडिएशन एक्सपोज़र में मदद करती है
jabalpur Medical : मेडिकल कॉलेज में एमआरआइ व सीटी स्कैन मशीन आना है। 3 महीने पहले निजी एजेंसी संचालक को अपनी मशीन हटाने नोटिस दिया था। जल्दी ही सती के साथ कार्रवाई की जाएगी।