- निर्देशक और कलाकारों पर जबलपुर में परिवाद दायर
जबलपुर. सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद फिल्म पद्मावत भले ही देशभर में रिलीज हो गई हो पर इस मुद्दे पर नित-नए विवाद अभी भी सामने आ रहे हैं। जबलपुर जिला अदालत में टीम पद्मावत पर एफआईआर दर्ज करने की मांग करते हुए कंपलेंंट केस दायर किया गया है। फिल्म के निर्देशक संजय लीला भंसाली, अभिनेता रणवीर सिंह , शाहिद कपूर व अभिनेत्री दीपिका पादुकोण के खिलाफ यह अपराधिक परिवाद दायर किया गया है। जबलपुर के अधिवक्ता अमित साहू ने इन सभी के खिलाफ धार्मिक भावनाएं भड़काने, वैमनस्यता फैलाने व कानून व्यवस्था भंग करने की साजिश के लिए आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करने का आग्रह किया है। मामले की सुनवाई गुरुवार को न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी संजय अग्रवाल की कोर्ट में होगी।
यह है मामला : अधिवक्ता साहू ने परिवाद में कहा है कि फिल्म में इतिहास से छेड़छाड़ व समाज के एक वर्ग विशेष की भावनाओं को भड़काने का प्रयास किया गया है। उन्होंने निर्देशक भंसाली व फिल्म की स्टार कास्ट के खिलाफ २१ नवंबर २०१७ को अधारताल थाने में शिकायत प्रस्तुत की थी। कार्रवाई न होने पर उन्होंने एसपी व सिविल लाइंस थाना प्रभारी को शिकायत देकर फिल्म के निर्देशक व कलाकारों के खिलाफ भादंवि की धाराओं २९५, २९५ क, २९८, १५३ क व ख, ४९९, ५००, ५०१, ५०३, ५०४ व ५०५ (२) के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई, इसलिए उन्होंने अदालत की शरण ली।
बढ़ रही है कटुता
प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी संजय अग्रवाल की अदालत में बुधवार को फाइल किए गए इस कम्पलेंट केस के माध्यम से फिल्म के निर्माता-निर्देशक संजय लीला भंसाली, अभिनेत्री दीपिका पादुकोण, अभिनेता रणवीर सिंह व शाहिद कपूर के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने पर बल दिया गया है। इसमें कहा गया है कि पद्मावत फिल्म बनाकर वर्ग विशेष की धार्मिक व सामाजिक भावनाओं को भड़काने की गलती की गई है। इससे राष्ट्रीय एकता और अखंडता पर असर पड़ रहा है। परस्पर वैमनस्य और कटुता पैदा होने की स्थिति निर्मित हो गई है। इससे पहले जबलपुर के एसपी और सिविल लाइन टीआई को शिकायतें सौंपी गई थीं जिसमें फिल्म के निर्माता-निर्देशक और कलाकारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी। कोर्ट ने मामले की सुनवाई 25 जनवरी को निर्धारित की है।