22 जुलाई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

भाजपा विधायक संजय पाठक की माफी स्वीकार, मप्र. हाईकोर्ट से बड़ी राहत

BJP MLA Sanjay Pathak Controvery: जज को फोन करने के मामले में बुधवार को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सुरक्षित फैसला सुनाते हुए संजय पाठक की बिना शर्त माफी स्वीकार की।
2 min read
Google source verification
bjp mla sanjay patha

bjp mla sanjay pathak contempt case mp high court apology, संजय पाठक की फाइल फोटो (SOURCE- PATRIKA)

BJP MLA Sanjay Pathak: मध्यप्रदेश के कटनी जिले की विजयराघवगढ़ विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक संजय पाठक को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट (MP High Court) से बड़ी राहत मिली है। जज को फोन करने के मामले में (phone call controversy) हाईकोर्ट ने संजय पाठक की बिना शर्त माफी स्वीकार की है। संजय पाठक (BJP MLA Sanjay Pathak) के द्वारा जज को फोन करने के मामले में कोर्ट ने माना है कि अवमानना हुई है लेकिन न्याय प्रक्रिया में किसी तरह का बड़ा हस्तक्षेप नहीं हुआ है।

संजय पाठक की माफी हाईकोर्ट में स्वीकार

जज को फोन करने के मामले में बुधवार को सुरक्षित फैसला सुनाते हुए हाईकोर्ट ने भाजपा विधायक संजय पाठक के खिलाफ चल रही आपराधिक अवमानना की कार्रवाई समाप्त कर दी। हाईकोर्ट ने भाजपा विधायक संजय पाठक की बिना शर्त माफी को स्वीकार किया। एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की बेंच ने आदेश देते हुए कहा कि संजय पाठक ने गलती मानी है और बिना शर्त माफी मांगी है, इसलिए माफी स्वीकार की गई है। इस दौरान कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी न्यायाधीश से इस तरह संपर्क करने का प्रयास न्यायिक मर्यादा के अनुरूप नहीं है और भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए।

ये है पूरा मामला

बता दें कि 1 सितंबर 2025 को जस्टिस विशाल मिश्रा ने ओपन कोर्ट में खुलासा किया था कि एक विधायक ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की है। तब जस्टिस विशाल मिश्रा के समक्ष विधायक के परिवार से जुड़े खनन मामले की सुनवाई आशुतोष दीक्षित की रिट याचिका पर चल रही थी। इसके बाद जस्टिस विशाल मिश्रा ने खुद को केस से अलग कर लिया था। जिसके बाद आशुतोष मनु दीक्षित ने हाईकोर्ट में दूसरी याचिका दायर की और इसे न्यायपालिका की गरिमा से जुड़ा मामला बताते हुए आपराधिक अवमानना बताया, जिस पर कोर्ट ने संजय पाठक को नोटिस जारी किया। हाईकोर्ट के नोटिस पर संजय पाठक ने हलफनामा दायर कर अपने जवाब में बताया कि उनसे जस्टिस मिश्रा का नंबर गलती से लगा था और एक घंटी के बाद उन्होंने कॉल काट दिया था। इसके बाद कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि जब तक विधायक व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं होते, तब तक इस हलफनामे पर विचार नहीं किया जाएगा।