जबलपुर

maha shivaratri 2018: इस मंदिर में रामेश्वरम् महादेव के चतुर्दश पाटोत्सव के साथ शुरू हुआ विशेष पूजा-पाठ

साकेतधाम में रामेश्वरम महादेव का पाटोत्सव

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Feb 11, 2018
patotsav

जबलपुर. भगवान शिव की साक्षात पुत्री मां नर्मदा चिरकुंवारी हैं। भारतीय धर्म संस्कृति में मां नर्मदा को भगवान शिव का तप माना जाता है। साकेतधाम में रामेश्वरम् महादेव के चतुर्दश पाटोत्सव के पहले दिन शनिवार को ग्वारीघाट में नर्मदा पूजन के अवसर पर अमरकंटक से आए बाबा कल्याण दास ने ये उद्गार व्यक्त किए। साकेतधाम के अधिष्ठाता स्वामी डॉ. गिरीशानंद सरस्वती ने कहा कि भगवान शिव के आदि दैविक, आदि भौतिक व आध्यात्मिक स्वरूपों की चर्चा ही पाटोत्सव का उद्देश्य है। स्वामी अखिलेश्वरानंद गिरि ने कहा कि महाशिवरात्रि सृष्टि के आदि पुरुष का प्रकट्य अवसर है। राजस्थान से आए स्वामी डॉ. मुक्तानंद ने कहा कि भगवान ब्रह्मा और विष्णु के विवाद को शांत करने के लिए ज्योर्तिमय रूप में प्रकट हुए देवाधिदेव महादेव अपने निर्गुण निराकार निरंजन सच्चिदानंदमय स्वरूप को प्रकट कर उनके विकार को शांत किया। दोनों ने भगवान शिव की स्तुति की।

नर्मदा पूजन में जगद्गुरु डॉ. स्वामी श्यामदेवाचार्य, साध्वी ज्ञानेश्वरी दीदी, स्वामी डॉ. मुकुंद दास, महंत केवलपुरी, स्वामी रामानंद पुरी, स्वामी सुदर्शन दास ने पूजन अर्चन किया। संत समागम में साकेत संदेश के चौथे अंक का विमोचन किया गया। इस मौके पर आयुध निर्माणी बोर्ड के चेयरमैन सुनील कुमार चौरसिया का अभिनंदन किया गया। आयोजन में दिलीप चतुर्वेदी, नीरज पटेरिया, राजू चौधरी, आरपी व्यास, आलोक मिश्रा, नितिन भाटिया, ओंकार दुबे मौजूद थे।

साईं यज्ञ में भक्तों ने दी आहुति
जबलपुर. साईं धाम रांझी के २३वें स्थापना दिवस के मौके पर आयोजित यज्ञ, हवन में शनिवार को भक्तों ने आहुति दी। इस मौके पर आयोजित भंडारे में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। भजन गायकों ने भक्ति की सरिता बहाई, तो लोग भाव विभोर हो गए। इस मौके पर प्रदीप साहनी, वरुण साहनी, राजेश ठाकुर, भीम राव, मृगेंद्र नारायण सिंह, अमन भल्ला व पंकज सिंह मौजूद थे।

महाआरती में शामिल होकर नि:शब्द हुए इजराइल से आए नर्मदा भक्त
जबलपुर. 'अनबिलीवेबल एक्सपीरिएंस, वी फील नर्मदा इज मदर रिव्हर, वी आर स्पीच लेस,Ó। पुण्यसलिला नर्मदा के तट ग्वारीघाट पर नर्मदा महाआरती में शामिल होकर इजराइल के आंद्रे, निकोल व सिद्रास कुछ इसी तरह अपनी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा मैया नर्मदा से जो आध्यात्मिक ऊ र्जा मिल रही है उस अनुभूति को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। जिस तरह से महाआरती में सभी तन-मन से रमे हैं, ये नजारा अद्वितीय है। आंद्रे ने कहा गंगा महाआरती की दुनियाभर में चर्चा होती है। लेकिन नर्मदा महाआरती में शामिल होकर असीम शांति मिल रही है। इजराइल से आए ये पर्यटक नर्मदा तट भेड़ाघाट के रमणीय स्थलों व धार्मिक स्थलों के भी दर्शन कर चुका है। उन्होंने कहा वे जीवन में बार-बार नर्मदा तट पर आना चाहेंगे। जब भी भारत आएंगे, नर्मदा दर्शन जरूर करेंगे। आंद्रे व उनके साथी हिन्दी में किए जा रहे भजन-कीर्तन को नहीं समझ पा रहे थे, तो उन्होंने एक ट्रांसलेटर के जरिए अंग्रेजी में श्रद्धालुओं के भावों को समझा। वे देर तक नर्मदा तट मौजूद थे।

Published on:
11 Feb 2018 07:30 am
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