पितरों की आत्मा को शांति प्रदान करने को करेंगे तर्पण, १५ दिवसीय पितर पर्व का हुआ शुभारंभ
जबलपुर. भाद्रपद शुक्ल पक्ष पूर्णिमा बुधवार से पितृ पक्ष प्रारंभ हो रहे हैं। नर्मदा तीर्थ में लोग दिवंगत पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण कर रहे हैं। पितरों के तर्पण के साथ लोग मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना भी करते हैं। सुबह से ही नर्मदा तटों सहित शहर के अन्य जलाशयों में लोगों की भीड़ लगने लगी थी। हर कोई अपने पितरों को लेने आया था। विधि विधान से आह्वान करते हुए लोग अपने पितरों की सेवा करने के लिए उन्हें घर ले गए।
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पितर मिलौनी पूर्णिमा
ज्योतिर्विद आचार्य डॉ. सत्येन्द्र स्वरूप शास्त्री के अनुसार स्नान दान पूर्णिमा मंगलवार दोपहर ११.़४३ बजे से ली लग गई थी। इसे पितर मिलौनी पूर्णिमा भी कहा जाता है। उदया तिथि के कारण बुधवार से १४ दिन तर्पण किया जाएगा। १९ सितम्बर को पितृ अमावस्या अमावस्या को एेसे सभी लोग तर्पण करेंगे जिन्हें श्राद्ध की तिथि ज्ञात नहीं है। स्त्री पूर्वज में जिनकी तिथि ज्ञात नहीं है वे नवमी को तर्पण करते हैं। पंचमी तिथि में रोग मुक्ति और षष्ठी तिथि में वस्तु विक्रय की कामना करने प्रार्थना करते हैं। तीर्थ पुरोहित अभिषेक मिश्रा ने बताया कि पहले दिन लोग नर्मदा तीर्थ में तर्पण करेंगे। पूर्वज की आत्मा तृप्त होती है तो वंशजों की कामनाएं पूरी हो रही है।
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नर्मदा तट पर कीचड़
नर्मदा में जल स्तर कम होने के कारण नदी तट पर कीचड़ है। लोग आंचमन और तर्पण करने जाएंगे तो असुविधा होगी। पितृ पक्ष शुरू होने के बाद भी नगर निगम ने सफाई की पहल नहीं की।