Jabalpur Boat Accident: इस भयावह हादसे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुखिया डॉ. मोहन यादव ने शोक जताया है। मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए आर्थिक सहायता का ऐलान भी किया है।
Jabalpur Boat Accident: जबलपुर के बरगी डैम में नाव पलटने से अभी तक 9 लोगों के शव मिल चुके हैं। इसमें कुल 34 लोग सवार थे। 28 लोगों को बचा लिया गया है। वहीं 4 लोग अभी भी लापता है। बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त क्रूज में लगभग 43 से 47 पर्यटक सवार थे। टिकट सिर्फ 29 लोगों की कटी थी। इस दर्द भरे हादसे में अपनी आंखों से देखने वाले चश्मदीदों जो मंजर बताया वो बहुत भयानक था। इस हादसे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है। उन्होंने प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिवार जनों को दो-दो लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए देने की घोषणा की है।
मध्य प्रदेश के जबलपुर में नाव पलटने से हुई जान-माल की हानि अत्यंत दुखद है। इस दुखद दुर्घटना में अपने प्रियजनों को खोने वालों के प्रति मैं अपनी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूँ। स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की सहायता कर रहा है। जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे: PM @narendramodi
इस भयावह हादसे प्रदेश के मुखिया डॉ. मोहन यादव ने शोक जताया है। मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता का ऐलान भी किया है। सीएम ने कहा कि राज्य सरकार पूरी तरह से संवेदनशील है। कुछ लोगों को बचा लिया गया है, वहीं कुछ की तलाश अब भी जारी है। जानकारी के लिए बता दें कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जांच के आदेश दिए हैं। वे दोपहर 2:30 बजे मुख्यमंत्री भोपाल से जबलपुर के लिए रवाना हो रहे हैं। लगभग 3:15 बजे तक डुमना एयरपोर्ट पहुंचेंगे।
सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जबलपुर में तेज आंधी-तूफान के कारण बरगी डैम में हुए दुखद क्रूज हादसे (bargi cruise tragedy) को लेकर स्थानीय प्रशासन और रेस्क्यू फोर्स का ऑपरेशन लगातार जारी है। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को मौके पर मौजूद हैं।
जबलपुर शहर से 40 किमी दूर बरगी बांध में दो दशक से क्रूज का संचालन हो रहा है। इसे नर्मदा क्वीन नाम दिया गया है। क्षमता 90 पर्यटकों की है। ऐसे में भले ही ओवरलोडिंग घटना की वजह नहीं हो, लेकिन कहीं न कहीं मौसम के पूर्वानुमान की अनदेखी और पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध नहीं करवाना इसका कारण हो सकता है।
-क्या क्रूज का वैध फिटनेस प्रमाण-पत्र था। अंतिम बार जांच कब हुई ?
-क्या सभी यात्रियों ने लाइफ जैकेट पहनी थी। क्योंकि अक्सर क्रूज पर लोग जैकेट उतार देते हैं ?
-क्या मौसम विभाग की आंधी की चेतावनी के बावजूद क्रूज को पानी में ले जाने की अनुमति दी गई ?
-इतने बड़े जलक्षेत्र की तुलना में प्रशिक्षित गोताखोरों और लाइफ गार्ड्स की संख्या हमेशा कम रही है। घटना के समय कितने लाइफ गार्ड्स थे ?