
PM Surya Ghar Yojana: प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत घरों में सोलर पैनल लगवाने वाले उपभोक्ताओं को जल्द बड़ी राहत मिल सकती है। वर्तमान में उपभोक्ताओं से प्रोसेसिंग फीस के रूप में एक हजार रुपऐ और मीटर टेस्टिंग के नाम पर तीन से पांच हजार रुपए तक वसूले जाते हैं। मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग अब इन शुल्कों को समाप्त करने की तैयारी कर रहा है। इस सम्बंध में 16 जून को सुनवाई होगी, जिसमें प्राप्त आपत्तियों और सुझावों पर विचार किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार अतिरिक्त शुल्कों के कारण कई उपभोक्ता योजना से जुडने में रुचि नहीं दिखा रहे थे। सोलर पैनल लगाने पर पांच से सात हजार रुपए अतिरिक्त खर्च आने से योजना की रफ्तार प्रभावित हो रही थी। इसी को देखते हुए शुल्क समाप्त करने का प्रस्ताव लाया गया है।
बिजली मामलों के जानकार अधिवक्ता राजेंद्र अग्रवाल ने आयोग को पत्र लिखकर सोलर उत्पादन पर प्रति यूनिट लिए जाने वाले दो रुपए के फिक्स चार्ज को भी समाप्त करने की मांग की है।
योजना फरवरी 2024 में शुरू हुई थी। मार्च 2027 तक देश में एक करोड़ और प्रदेश में छह लाख उपभोक्ताओं को इस योजना से जोड़ा जाना था। योजना के लक्ष्य को समय पर पूरा करना बिजली कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है। हालांकि कंपनी के द्वारा पूरा प्रयास जारी है।
-01 करोड़ का लक्ष्य देशभर में
-06 लाख का लक्ष्यम मध्यप्रदेश को
-1.25 लाख इंस्टॉलेशन मप्र में
-15 हजार जबलपुर में
पीएम सूर्य घर (मुफ्त बिजली) योजना भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है। इसका मुख्य उद्देश्य नागरिकों को अपने घरों की छत पर सोलर पैनल लगाने के लिए प्रोत्साहित करना है, जिससे उन्हें हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिल सके और उनके बिजली के बिल कम हो सकें। बता दें कि सरकार सोलर पैनल की लागत का एक बड़ा हिस्सा सीधे सब्सिडी के रूप में देती है। 1 से 2 किलोवाट में 30,000 से 60,000 तक की सब्सिडी देती है। 3 किलोवाट या उससे अधिक पर 78,000 तक की निश्चित सब्सिडी देती है।
इस योजना का लाभ लेने के आवेदक भारत का स्थायी निवासी होना चाहिए। आवेदक के पास अपने घर की छत होनी चाहिए जो सोलर पैनल लगाने के लिए उपयुक्त हो। घर में वैध बिजली का कनेक्शन होना चाहिए।