MP News: स्वामी रामभद्राचार्य ने जबलपुर में आयोजित चौथे विश्व रामायण सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में भाग लिया। उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के सामने एक महत्वपूर्ण मांग रखी।
Swami Rambhadracharya: चतुर्थ वल्र्ड रामायण कॉन्फ्रेंस का शुक्रवार को जबलपुर के मानस भवन सभागार में शुभारंभ हुआ। चित्रकूट के तुलसी पीठाधीश्वर स्वामी रामभद्राचार्य, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, केन्द्रीय संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने दीप प्रज्वलित कर आयोजन का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा कि राम हैं कौन, क्या योगियों में रमने वाले, सबको रमाने वाले राम हैं ? उन्होंने बताया कि ऐसा नहीं है, रा का अर्थ है राष्ट्र, म का अर्थ है मंगल। उन्होंने कहा कि वल्र्ड रामायण कॉन्फ्रेंस तब सफल होगी, जब संसद में रामायण को राष्ट्रग्रंथ (Ramayana as national scripture) घोषित किया जाए। (mp news)
स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा कि जब पहलगाम में आतंकी हमला (pahalgam attack) हुआ था, सारा भारत क्रोधित था। चर्चाएं प्रारंभ हुईं, मैने पीएम नरेंद्र मोदी (PM Modi) से कहा कि इसका दंड दिया जाए। रक्षामंत्री ने पूछा कि आधार क्या होगा। मैने कहा सुंदरकांड की पंक्ति जिन मोहि मारा तिन्ह मैं मारे, इसका आधार है। फलस्वरूप ऑपरेशन सिंदूर से आतंकवाद को सबक सिखाया गया। उन्होंने कहा कि शांति बुढ्ढों का नारा है अब इसे बंद करो। अब तो ऊं क्रांति का नारा हो।
इसके पूर्व केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि सनातन का सम्मान एक नए ढंग से विश्व में पुनस्र्थापित हो रहा है। ऐसे समय में यह अद्भुत आयोजन निश्चित रूप से प्रेरणादायक है। आज केवल रामायण के अध्ययन करने की नहीं, उसे जीवन में उतारने की जरूरत है। रामायण को जीवन में कैसे उतारें, इसमें यह कॉन्फ्रेंस सहायक होगी। शेखावत ने आयोजकों से आग्रह किया कि वल्र्ड रामायण कॉन्फ्रेंस के नाम को चरितार्थ करते हुए इसका स्वरूप व्यापक व राष्ट्रीय किया जाए।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि भगवान श्रीराम के जीवन से सभी प्रश्नों के उत्तर मिलते हैं। भगवान श्रीराम ने केवल युद्ध नहीं जीता, शबरी से, निषाद से मित्रता कर सुंदर संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भी परीक्षा की घड़ी आए, रामायण को याद कर लो। संस्कारधानी के बारे में उन्होंने कहा कि जाबालि ऋषि का प्रताप है कि यहां के काले पत्थर धवल संगमरमर बन गए।
उद्घाटन समारोह में साध्वी ज्ञानेश्वरी दीदी, राज्यसभा सांसद सुमित्रा बाल्मीकि, सांसद आशीष दुबे, लोकनिर्माण मंत्री राकेश सिंह, आयोजन समिति के अध्यक्ष विधायक अजय बिश्नोई, विधायक अशोक रोहाणी, सुशील तिवारी, अभिलाष पांडे, संतोष बरकडे, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, नगर निगम अध्यक्ष रिंकू विज, डॉ अखिलेश गुमास्ता मंचासीन रहे। (mp news)