राम रहीम आसाराम के बाद नर्मदा किनारे पकड़ा गया ये बाबा, मासूम को बनाता था शिकार
जबलपुर। राम रहीम, आसाराम, फलाहारी बाबा, इच्छाधारी बाबा समेत ऐसे दर्जनों बाबाओं की लिस्ट है जो अपने काम के बजाय अपने कुकर्मों से ज्यादा जाने जाते हैं। ये साधुओं के वेश में शैतानों का काम करते रहे हैं। कोई मासूमों से ज्यादती करता रहा तो किसी ने हवस का खुला खेल खेलकर संत समाज को बदनाम किया है। ऐसे में लोगों का संतों के प्रति विश्वास घटा है। जो सच्चे साधु हैं वे अब लोगों के निशाने पर आने लगे हैं। ऐसे में जबलपुर के नर्मदा तट ग्वारीघाट से एक बाबा के पकड़े जाने की खबर है। ये बाबा भी बलात्कारी है। जो अपने अपराध को छिपाने के लिए साधु बन बैठा था। इस पर चोरी का इल्जाम भी है। इसके दो दशक बाद पुलिस पकड़ पाई है।
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चोरी-बलात्कार का आरोपित 21 साल बाद ग्वारीघाट में दबोचा गया
पहचान छिपाने के लिए रखे थे पांच नाम
यह है मामला
चोरी व बलात्कार के मामले में फरार आरोपित को 21 साल बाद रविवार को पनागर पुलिस ने गिरफ्तार किया। वह ग्वारीघाट में झोपड़ी बनाकर रह रहा था। उसने पहचान छिपाने के लिए पांच नाम रखे थे। टीआइ संदीप अयाची ने बताया कि कुसनेर निवासी मंगा के खिलाफ 1998 में चोरी का प्रकरण दर्ज हुआ था। तब से वह फरार था। उसके खिलाफ स्थाई वारंट जारी हुआ था। इसके अलावा 1996 में हनुमानताल थाना क्षेत्र अंतर्गत हुए बलात्कार के मामले में भी वह आरोपित था। मुखबिर से सूचना मिली कि वह ग्वारीघाट में साधू बनकर छिपा है। पुलिस ने दबिश देकर ग्वारीघाट के पास झोपड़ी से उसे दबोच लिया। पूछताछ में पता चला कि वह मंगा उर्फ माखन उर्फ माधवन उर्फ कृष्णकांत उर्फ कृष्णकुमार उर्फ कृष्णादास नाम से रह रहा था।
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