फिर नहीं मिलेगा ऐसा सुनहरा मौका
जबलपुर। 11 अगस्त का दिन बेहद अहम है। इस दिन शनिवार है, अमावस्या तिथि है। शनिवार के दिन पडऩेवाली अमावस्या को शनैश्चरी अमावस्या कहा हाता है। शनि पूजन के लिए यह सबसे अच्छा दिन माना जाता है।
पूरे 14 साल बाद एकसाथ आ रही हैं शनैश्चरी और हरियाली अमावस्या
विशेष बात यह है कि इस दिन हरियाली अमावस्या भी है। ज्योतिषाचार्य के अनुसार शनैश्चरी और हरियाली अमावस्या पूरे 14 साल बाद एकसाथ आ रही हैं। शनैश्चरी और हरियाली अमावस्या का संयोग शनिवार को 14 साल बाद बन रहा है। इसके पहले 2004 में शनिवार को हरियाली अमावस्या का संयोग बना था। इस बार शनि अमावस्या पर खंडग्रास सूर्यग्रहण भी है, हालांकि ये भारत में दिखाई नहीं देगा।
11 अगस्त को साल की आखिरी शनि अमावस्या
सबसे बड़ी बात तो यह है कि 11 अगस्त को साल की आखिरी शनि अमावस्या है। यानि 11 अगस्त के बाद सन 2018 में कभी भी शनिपूजा का इतना बड़ा दिन नहीं आएगा। इसके पहले 17 मार्च को शनैश्चरी अमावस्या थी। साल की आखिरी शनि अमावस्या का ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाना चाहिए ताकि शनि की कृपा से हमारे जीवन में सुख-समृद्धि कायम रहे।ज्ञातव्य है कि शनैश्चरी और हरियाली अमावस्या का संयोग शनिवार को 14 साल बाद बन रहा है।
अमावस्या पर शिवजी को बिल्वपत्र, भांग और धतूरा जैसी हरी चीजें चढ़ाएं। इससे शिवकृपा से हर तरह के पाप खत्म हो जाते हैं। इस साल शनैश्चरी अमावस्या भी होने से शिवजी की विशेष पूजा से हर तरह के पाप खत्म हो जाएंगे और शनिदेव की कृपा भी मिलेगी।
शमी के पौधे की पूजा करने से लाभ
वृश्चिक, धनु और मकर राशि के लोग साढ़ेसाती से परेशान चल रहे हैं, इसलिए इन राशि वालों को इस दिन शमी के पौधे की पूजा करने से लाभ मिलेगा। शनिवार और हरियाली अमावस्या का संयोग होने से शनि देव की शांति के लिए शमी का पौधा लगाना चाहिए। इसके अलावा पीपल की पूजा भी करनी चाहिए।