
जोधपुर। आर्म्स एक्ट मामले में बरी हो चुके सलमान खान के खिलाफ सरकार की ओर से सीआरपीसी की धारा 340 के तहत दो प्रार्थना पत्र कोर्ट में दिए गए थे। इन पर गुरूवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जोधपुर जिला के पीठासीन अधिकारी समेंद्रसिंह सिखरवार के अवकाश पर रहने के चलते सुनवाई नहीं हो पाई।
मामले की अगली सुनवाई 28 सितम्बर को होगी। सलमान के अधिवक्ता हस्तीमल सारस्वत ने बताया कि अवैध हथियारों के मामले में सलमान खान को 18 जनवरी 2017 को बरी कर दिया गया था लेकिन सरकार द्वारा लगाए गए 340 के दो प्रार्थना पत्र पर फैसला नहीं हो पाया था।
प्रार्थना पत्र में सलमान पर आरोप लगाया गया था कि सलमान ने कोर्ट में एक शपथ पत्र पेश किया था कि उसका आर्म लाइसेंस घर पर ही होगा, मिल नहीं रहा है शायद कहीं गुम हो गया है। एक गवाह के बयान के बाद यह बात मालूम हुई कि सलमान का लाइसेंस गुम नहीं हुआ था बल्कि नवीनीकरण के लिए मुंबई पुलिस कमिश्नर के पास जमा किया हुआ था।
यह बात पता चलने पर सरकारी अधिवक्ता ने न्यायालय में सलमान के खिलाफ अर्जी पेश की थी। उधर, सलमान की ओर से भी मामले के अनुसंधान अधिकारी ललित बोड़ा के खिलाफ झूठी गवाही देने और झूठे शपथ पत्र पेश करने के आरोपों के साथ एक प्रार्थना पत्र पेश किया था, दोनों अर्जियों पर एक साथ सुनवाई हो रही है।