जबलपुर

एक हजार साल पुराना है माता का यह सिद्ध मठ, संतान की मुराद होती है पूरी

स्थापित प्रतिमा कल्चुरी गौंड कालीन बतायी जाती है

2 min read
Mar 16, 2018
Shardiya Navratri Schedule 2018 and Dates in India

जबलपुर। शहर की रक्षक के रूप में जानी जाती माता बड़ी खेरमाई का मंदिर भी उतना ही अद्भुत है जितनी उनकी प्रतिमा। बताया जाता है कि ११ वीं शताब्दी में यह मंदिर बनाया गया था। भानतलैया में स्थित यह तापस मठ संतान की मन्नत मांगने आनेवालों से भरा रहता है। मंदिर में स्थापित प्रतिमा कल्चुरी गौंड कालीन बतायी जाती है।


कर रहे विशेष इंतजाम
इस बार नवरात्र में इस मंदिर में विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। सुरक्षा की दृष्टि से गर्भगृह में भी सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। मंदिर परिसर में पहले से ही 26 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। नवरात्र के दौरान मंदिर में जल चढ़ाने वाले श्रद्घालुओं की सुबह 3 बजे से कतार लगना शुरू हो जाती है। यहां दोपहर 12 बजे तक श्रद्घालु माता को जल चढ़ाते हैं। दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक अभिषेक व श्रंगार होता है। इस दौरान मंदिर के पट बंद रहते हैं। दोपहर 2 बजे से माता के श्रंगार दर्शन होते हैं।

ये भी पढ़ें

अब ‘बिग बॉस 12’ में दूसरी ‘भाबीजी’ की होगी एंट्री

नौ दिनों में हर रोज मां अलग-अलग श्रंगार

चैत्र नवरात्रि के नौ दिनों में हर रोज मां अलग-अलग श्रंगार में नजर आएंगी। नवरात्र के पहले दिन से छटवें दिन तक माता की आरती सुबह 5 बजे और शाम 7 बजे होगी। सप्तमी, अष्टमी और नवमीं को रात्रि 12 बजे महाआरती का आयोजन किया जाएगा। मंदिर टस्ट को उम्मीद है कि इस बार नवरात्र के पहले ही दिन 20 हजार से ज्यादा श्रद्घालु यहां आएंगे।


भगवा वस्त्र पहनेेंगे
इस बार नवरात्रि में मंदिर में एक और पहल की जा रही है। मंदिर के पंडा, पुजारी और स्वयंसेवक ड्रेसकोड में नजर आएंगे। सभी की ड्रेस में नेमप्लेट भी रहेगी। पंडा व पुजारी जहां भगवा कुरता और धोती पहनेंगे वहीं स्वयंसेवक लाल रंग की टी-शर्ट पहनेंगे। इस टी-शर्ट में मंदिर का नाम अंकित रहेगा। नवरात्रि में मंदिर में व्यवस्थाएं बनाने के लिए तीन पंडा, चार पुजारी के साथ ही २०० से ज्यादा स्वयंसेवक तैनात रहेंगे।

ये भी पढ़ें

धारदार हथियार लेकर सलमान के घर में घुसी लड़की, किया जमकर हंगामा

Published on:
16 Mar 2018 02:37 pm
Also Read
View All