
जबलपुर। आरक्षक भर्ती प्रक्रिया के लिए छठी बटालियन में चल रहे शारीरिक परीक्षण में हुए फजीवाड़े की जांच के लिए बुधवार को एसआईटी का गठन किया गया। इसमें ऐसे जवानों को भी शामिल किया गया है, जो बतौर सजा पुलिस लाइंस में तैनात थे। उन्हें एक बदमाश पर गोली चलाने और लूटने के आरोप में निलम्बित भी किया गया था। ऐसे जवानों की तैनाती ने टीम की कार्रवाई को संदेह के घेरे में ला दिया है। इधर बुधवार को एसटीएफ के डीआईजी सुनील शिवहरे ने भी आरोपितों से पूछताछ की।
आगरा , भिंड भी जाएगी टीम
बताया गया कि फर्जीवाड़े के दो आरोपित आगरा और भिंड के हैं। माना जा रहा है कि जांच के लिए गठित एसआईटी आगरा और भिंड भी जाएगी, ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों को पकड़ा जा सके।
फायरिंग, लूटपाट का था आरोप
गोली लगने से अस्पताल में भर्ती बदमाश आकाश करिया ने आरोप लगाते हुए कहा था कि ६ सितम्बर की रात वह दमोहनाका से रानीताल की ओर जा रहा था। चेरीताल के पास उसे क्राइम ब्रांच के हवलदार राजवीर, सिपाहियों सादिक, रसीद, बीरबल, महेन्द्र पटेल और भूपेन्द्र ने उसे रोककर १.५ लाख रुपए लूटे और उस पर फायरिंग भी की। इस मामले में छहों पुलिस जवानों को निलंबित कर दिया गया था, वहीं सादिक व अन्य के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज किया गया है।
18 तक पुलिस रिमांड पर भेजा
छठवीं बटालियन में चल रही आरक्षक भर्ती प्रक्रिया के तहत शारीरिक परीक्षण में पुलिस ने चार युवकों मनीष पांडे, योगेश गुर्जर, राहुल पांडे और राहुल गुर्जर को फर्जीवाड़ा करते हुए पकड़ा था। चारों ने पूछताछ में बताया कि वे विभिन्न परीक्षाओं में उम्मीदवारों को पास कराने वाले रैकेट के सदस्य हैं। राहुल पांडे और गुर्जर को बुधवार को न्यायालय ने 18 दिसम्बर तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
एसआईटी में ये शामिल
एसआईटी में रांझी थाना प्रभारी मधुर पटेरिया, टीआई राजेन्द्र सिंह, एसआई सतीष झारिया, नीतेश तिवारी, शैलेन्द्र पटेल, एएसआई विश्वेश्वर, हवलदार राजवीर, आरक्षक भूपेन्द्र रावत और महेन्द्र पटेल को शामिल किया गया है। इसका सुपरविजन रांझी सीएसपी अखिल वर्मा को सौंपा गया है।
एसटीएफ डीआईजी ने की पूछताछ, पीएचक्यू भेजी रिपोर्ट
बुधवार को एसटीएफ के डीआईजी सुनील शिवहरे टीम के साथ रांझी थाने पहुंचे। उन्होंने आरोपितों से पूछताछ की। उन्होंने अब तक पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की समीक्षा भी की। आरोपितों से जब्त दस्तावेजों के परीक्षण कराने के निर्देश जारी किए। डीआईजी ने कहा कि एसटीएफ मामले की जांच कर रही है। जरूरत पडऩे पर पुलिस को भी एसटीएफ की टीम भी तकनीकी सहायता प्रदान करेगी।
आरक्षक भर्ती प्रक्रिया में फर्जीवाड़े के चार आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद एसआईटी गठित की गई है। इसमें पुलिस लाइंस में तैनात एक हवलदार और तीन आरक्षकों को शामिल किया गया है।
राजेश तिवारी, एएसपी