Jabalpur Tragedy: मृतकों के परिजन उनकी याद में बिलख रहे, एक पिता बार-बार कपड़ा हटाकर अपने मृत बेटे को निहारते नजर आए
Jabalpur Tragedy: एमपी के जबलपुर में गुरुवार को बड़ा हादसा हुआ। आंधी के कारण यहां के बरगी बांध में क्रूज डूब गया। हादसे के वक्त उसमें करीब 40 लोग सवार थे। दो दर्जन से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया जबकि अभी तक 9 लाशें बरामद की जा चुकी हैं। कई महिलाएं, बच्चे अभी लापता हैं। बांध में डूबे क्रूज में कई लोगों के फंसे होने की आशंका है। इधर अस्पताल में शवों का ढेर लग गया है। मृतकों के परिजन उनकी याद में बिलख रहे हैं। यहां एक पिता बार-बार कपड़ा हटाकर अपने मृत बेटे को निहारते नजर आए। यह दर्दनाक दृश्य हर किसी को रुला गया।
दिल्ली से शादी में आए परिवार ने मां-बेटे को खोया
दिल्ली कैंट के कर्मचारी जूलियस तिलहरी में अपने एक रिश्तेदार के घर शादी में आए थे। शादी शुक्रवार को है, ऐसे में वे गुरुवार को क्रूज में घूमने का प्लान बनाकर निकले। अपनी पत्नी मधुर, बेटी मरीना, दामाद प्रदीप व उनके बच्चों के साथ जूलियस भी क्रूज में सवार हो गए थे। हादसे में उनकी पत्नी मधुर की मौत हो गई। दामाद प्रदीप और बेटी सिया तो सुरक्षित मिल गई पर बेटी मरीना और उसका बेटा त्रिशान लापता हो गए थे। शुक्रवार सुबह रेस्क्यू में मरीना और उसके बेटे के शव मिले।
पत्नी और बेटे का शव देखकर प्रदीप बदहवास हो गए। जब दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल में रखे थे तो वे बार बार पत्नी और बेटे को देखते रहे। प्रदीप बार-बार कपड़ा हटाकर अपने मृत पुत्र को निहारते रहे। जिसने भी उन्हें ऐसा करते देखा, वह खुद दर्द से भर उठा।
क्रूज में बरगी तहसीलदार के पति हर्ष बग्घा भी जाने वाले थे। क्रूज लेट होने से उन्होंने अपना प्लान कैंसिल किया। क्रूज डूबने की जानकारी लगी तो वे पत्नी के साथ मौके पर पहुंचे। राहत कार्य में साथ दिया।
मौके पर हाथ बांधे खड़़े रहे जनप्रतिनिधि
हादसे के बाद एसडीआरएफ की टीम, पुलिस अधिकारी और जवान व स्थानीय लोगों समेत अन्य लोगों ने क्रूज में रस्सी बांधकर उसे खींचना शुरू किया। मौके पर मौजूद मंत्री, सांसद, विधायक, पूर्व विधायक ननिज अध्यक्ष वहां से हटे और दूर जाकर हाथ बांधकर खड़े हो गए। किसी भी जनप्रतिनिधि ने रस्सी को न तो पकडऩे का प्रयास किया न ही क्रूज को निकालने का प्रयास कर रहे लोगों, पुलिस और टीम का साथ दिया।