
Jabalpur Twins- जबलपुर के नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के बाल शल्य चिकित्सा विभाग में "दो दिल एक जान" को जुदा किया जा रहा है। यहां के डॉक्टर्स ने इशियोपैगस कंजॉइंट ट्विन्स (संयुक्त जुड़वां) शिशुओं जीवान और युवान की अत्यंत जटिल एवं दुर्लभ सर्जरी का पहला चरण सफलतापूर्वक पूरा किया। नरसिंहपुर से रेफर होकर आए दोनों शिशु श्रोणि (पेल्विस) के स्तर पर आपस में जुड़े हैं। सोमवार को हुई सर्जरी के बाद भी लंबा सफर अभी बाकी है। डॉक्टर्स बताते हैं कि दोनों बच्चों की जिंदगी कुछ कठिन रहेगी। एक बच्चे की स्थिति गंभीर होने पर दूसरा से प्रभावित होता है। उसका असर दूसरे बच्चे पर भी पड़ता है। इधर शहर में नर्सिंग विद्यार्थी सीपीआर प्रदर्शन से जीवनरक्षा का संदेश दे रहे हैं। जबलपुर कलेक्टर ने भी इसकी सराहना की है।
चिकित्सकों के अनुसार यह स्थिति लाखों में एक मामले में देखने को मिलती है। मामले की जटिलता का मुख्य कारण शिशुओं की निचली आंत्र और मूत्र प्रणाली का आपस में जुड़ा होना है। दोनों में एनोरेक्टल मालफॉर्मेशन तथा जन्मजात हृदय संबंधी विकार की आशंका भी पाई गई है।
इस चुनौतीपूर्ण सर्जरी के लिए प्रो. डॉ. विकेश अग्रवाल, डॉ. हिमांशु आचार्य तथा एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. आशीष सेठी के नेतृत्व में दो सर्जिकल और एनेस्थीसिया टीमें गठित की गईं। लगभग दो घंटे चले ऑपरेशन में दो- दो एनेस्थीसिया मशीनें, वेंटिलेटर और अत्याधुनिक मॉनिटरिंग सिस्टम का उपयोग किया गया।
शिशुओं को नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआइसीयू) में विशेषज्ञ चिकित्सकों की 24 घंटे निगरानी में रखा गया है। जीवान की स्थिति अपेक्षाकृत गंभीर है। उसे संक्रमण है। जन्मजात हृदय संबंधी विकार की आशंका को देखते हुए विस्तृत जांच की जा रही है। युवान भी विशेषज्ञों की निगरानी में है।
चिकित्सकों के अनुसार इस प्रकार के मामलों में ऑपरेशन के बाद की देखभाल भी उतनी ही चुनौतीपूर्ण होती है। यदि किसी एक शिशु की स्थिति गंभीर रूप से प्रभावित होती है तो उसका असर दूसरे शिशु पर भी पड़ सकता है। दोनों की स्थिति का लगातार मूल्यांकन किया जाएगा। जरूरत के अनुसार आगे सर्जरी की जाएगी।
चिकित्सकों ने बताया कि संयुक्त जुड़वां शिशुओं का पृथक्करण लंबी और चरणबद्ध प्रक्रिया है। पहले चरण में केवल आंत्र मार्ग का डायवर्जन किया गया है। दोनों शिशुओं का पूर्ण पृथक्करण आगामी चरणों में उनकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार किया जाएगा।
इस बीच जबलपुर में नर्सिंग विद्यार्थी जीवनरक्षा के लिए सीपीआर प्रदर्शन कर रहे हैं। जबलपुर कलेक्टर ने भी अपने एक्स हेंडल पर इसकी सराहना की है।
दुर्लभ कंजॉइंट ट्विन्स का ऑपरेशन
जबलपुर मेडिकल कॉलेज में हुई सर्जरी
दो घंटे चला ऑपरेशन
लाखों में होता है कंजॉइंट ट्विन्स मामला
शिशुओं की 24 घंटे की जा रही निगरानी