Navratri Food Festival : आज से नवरात्र का फूड फेस्टिवल, पकवानों पर भारी पड़ रही कढ़ी चावल और खिचड़ी
Navratri Food Festival : माता रानी की आराधना में पूरा शहर डूबा है। रात भर सडक़ें जाग रही हैं। लोग सपरिवार माता के मनोहारी रूपों को देखने पहुंच रहे हैं। ऐसे में माता के इन भक्तों के लिए हर साल की भांति होने वाला मेगा फूड फेस्टिवल शुक्रवार से शुरू हो गया। यह कोई आम फूड फेस्टिवल नहीं है, बल्कि माता के भंडारों की विविधता और उनके स्वाद का संगम हैं। जो दशहरा तक पूरे शहर में प्रतिदिन शाम से शुरू होकर आधी रात तक चलता रहेगा। खाने के शौकीन हों या न हों, लेकिन जब तक ये भंडारे चलेंगे पकवानों का स्वाद हर कोई लेता नजर आएगा।
खाने खिलाने के शौकीन संस्कारधानीवासियों द्वारा कई सालों से नवरात्र पर भंडारे आयोजित किए जाते रहे हैं। किंतु एक दशक से इन भंडारों ने एक मेगा फूड फेस्टिवल का रूप ले लिया है। जहां भारतीय पकवानों की विविधता तो देखने मिलती है, साथ ही चाइनीज और अन्य फूड्स भी खूब खाने को मिलते हैं। भंडारों में बच्चों के लिए जहां फ्रूटी, स्ट्रॉबेरी जूस, एप्पल जूस, कोल्ड मिल्क, टॉफी रखी जा रही हैं। तो युवाओं की फूड च्वाइस को ध्यान में रखकर समितियां चाइनीज, नूडल्स, मंचूरियन, पिज्जा, आलू बड़ा, समोसा, चाट, फुल्की का वितरण किया जा रहा है। इसके अलावा खिचड़ी, सूजी का हलवा, सब्जी पुड़ी, कढ़ी-चावल, पुलाव, मिक्स वेज बिरयानी, पोहा,चाय, कॉफी, इडली, डोसा के साथ साथ काजू, किसमिस, बादाम, मखाना आदि भी श्रद्धालुओं को खाने मिल रहे हैं।
वैसे तो हर भंडारों के हर स्टॉल पर भीड़ रहती है, किंतु जिन भंडारों में खिचड़ी, कढ़ी चावल का वितरण होता है, वहां सबसे ज्यादा खाने वालों की भीड़ उमड़ रही है। हर भंडारे में सैंकड़ों लोग खाते और लाइन में लगे दिख जाएंगे। शहर में शुक्रवार को अलग-अलग स्थानों पर 400 से ज्यादा भंडारे के स्टॉल लगाए गए थे। इनकी संख्या आज से और बढ़ जाएगी।
चूंकि भंडारों को वितरण दोना या पत्तलों में किया जाता है। जिसमें कई बार खाते नहीं बनता, खासकर बच्चों को खिलाने में परेशानी आती है। इसको ध्यान में रखते हुए लोग अब चम्मच, प्लेट और पानी बॉटल लेकर घर से निकलने लगे हैं। लोगों का कहना है कि इससे गर्म खाने के चलते दोना पकडऩे की समस्या का समाधान भी हो जाता है।