मेहनत की कमाई चूसते सूदखोर, ब्याज की बलि चढ़ीं ये मासूम जिंदगियां

शहर में फिर सूदखोर मकडज़ाल फैलाने में जुटे हैं। उन्हें न तो किसी की जान की परवाह है और न ही पुलिस का खौफ।

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Jan 15, 2017
police
जबलपुर। शहर में फिर सूदखोर मकडज़ाल फैलाने में जुटे हैं। उन्हें न तो किसी की जान की परवाह है और न ही पुलिस का खौफ। वे मोटे ब्याज पर लोगों को रुपए देते हैं और फिर ब्याज के नाम पर अनाप-शनाप वसूली की जाती है। चक्रवृद्धि ब्याज के जाल में भोले-भाले और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को फंसाते हैं और उनकी मेहनत की कमाई चूस लेते हैं। एेसे मामलों में बढ़ोतरी हो रही है, लेकिन पुलिस थाने में बैठकर शिकायत का इंतजार करती है।

आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को सूदखोर 10 से 40 प्रतिशत ब्याज तक पर रकम देते हैं। कई सूदखोर उनकी रोजाना की कमाई हड़प लेते हैं। कई बार एक महीने में इतना ब्याज हो जाता है कि रकम लेने वाला आर्थिक रूप से टूट जाता है। सूदखोरों को केवल रकम से मतलब होता है।

ब्याज पर चक्रवृद्धि ब्याज
सूदखोर लोगों को ब्याज पर रकम देते वक्त चक्रवृद्धि ब्याज की बात छिपा लेते हैं। यदि कोई ब्याज चुकाने में देर कर दे तो उसके ऊपर वह चक्रवृद्धि ब्याज लगाना शुरू कर देते हैं। कई तो तत्काल चक्रवृद्धि ब्याज ले लेते हैं और कई इस बात को दबाए रहते हैं। जब भी रकम लेने वाला पूरा सूद और ब्याज चुकाता है, तब उसे चक्रवृद्धि ब्याज चुकाने की भी धमकी दी जाती है।


केस-1 खा लिया था जहर
सूदखोर जॉली सरदार, प्रदीप, विक्रांत और वसूली से गढ़ा निवासी आशीष दीक्षित ने रकम उधार ली। धंधा चौपट होने से वह ब्याज नहीं दे पाया, तो सूदखोर परेशान करने लगे थे, जिसके चलते आशीष ने जहर खा लिया था।

केस-2 ट्रेन से कटा
लगभग चार माह पूर्व सूदखोरों की प्रताडऩा के चलते व्यक्ति ने ट्रेन से कटकर जान दे दी थी। उसके पास मिले सुसाइड नोट के आधार पर गोरखपुर पुलिस ने सूदखोर के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था।

प्रतिवर्ष दर्ज मामले : 20-22
शिकायत : 40-50
Published on:
15 Jan 2017 12:02 pm
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