26 जुलाई 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Tax on PF Withdrawal: पीएफ का पैसा निकालने पर कितना लगता है टैक्स, नौकरी बदली है तो मनी ट्रांसफर या निकासी क्या है बेहतर?

EPF Account Tax Rules: नौकरी बदलने पर PF बैलेंस ट्रांसफर करना या राशि विड्रॉल करना ये दो ऑप्शन होते हैं। ऐसे में ज्यादा फायदेमंद कौनसा होता है, यह जानना जरूरी है, क्योंकि निकाली गई राशि पर टैक्स लग सकता है।
2 min read
Google source verification
EPF Account Contribution Rules

PF में कर्मचारियों द्वारा योगदान घटाने पर काफी नुकसान होता है। (PC AI)

PF Withdrawal: नौकरी पेशा लोगों के लिए EPF बचत का एक ऐसा तरीका है जो उन्हें रिटायरमेंट पर अच्छी खासी रकम देता है। लेकिन कर्मचारी कई बार नौकरी बदल देते हैं। ऐसे में नई नौकरी देने वाली कंपनी पुराने EPF अकाउंट में पैसा जमा करने के बजाए नया EPF अकाउंट खोल देती है। ऐसे में दो ऑप्शन होते हैं- या तो पुराने पीएफ अकाउंट से बैलेंस को निकाल लें या खाता ट्रांसफर कर लें। इन दोनों में से कौनसा बैहतर है और टैक्स के नियम किस तरह से लागू होते है यह जानना जरूरी है।

विड्रॉल या ट्रांसफर क्या है बेहतर?

नौकरी बदलने के बाद आपके सामने दो ऑप्शन होते हैं। पहला, PF में जमा पूरा बैलेंस निकाल लो। दूसरा, उसे नए एम्प्लॉयर के अकाउंट में ट्रांसफर कर दो। इन दोनों में से ट्रांसफर वाला रास्ता ज्यादा फायदेमंद है। इससे रिटायरमेंट कॉर्पस बढ़ता रहता है। इसके अलावा, अगर 5 साल की लगातार सर्विस पूरी होने से पहले PF निकाला जाए तो उस पर टैक्स लग सकता है।

किस योगदान पर टैक्स लगता है?

पहले ये समझिए कि EPF से मिलने वाली राशि में मुख्य रूप से तीन हिस्सों का योगदान होता है। पहला, कर्मचारी द्वारा किया गया योगदान, जिस पर निकासी के समय कोई टैक्स नहीं लगता। दूसरा, कर्मचारी के योगदान पर मिला ब्याज, जिस पर अन्य स्रोतों से आय के आधार पर टैक्स लगता है। तीसरा, एम्प्लॉयर के योगदान और उस पर मिलने वाला ब्याज इन दोनों पर टैक्स लगता है।

टैक्स के नियम जानिए

अब यदि आप 5 साल से पहले नौकरी बदलकर PF खाता ट्रांसफर करने के बजाए राशि निकालकर फिर से नए एम्प्लॉयर द्वारा बनाए खाते में डालते हैं तो इस पर टैक्स लगता है। साथ ही अगर कर्मचारी 5 साल की नौकरी पूरी करने के पहले EPF की राशि निकालता है और यह राशि 50,000 रुपये से अधिक है तो इस पर 10 फीसदी के हिसाब से TDS कटता है। इसके लिए PAN देना जरूरी है। यदि PAN उपलब्ध नहीं कराया जाता, तो TDS की दर बढ़कर 20 फीसदी हो जाती है।

ट्रांसफर से पहले ये चेक करें

EPF अकाउंट ट्रांसफर का प्रोसेस शुरू करने से पहले कुछ जरूरी चीजें वेरिफाई कर लें। जैसे कि आपका UAN एक्टिवेट होना चाहिए और उससे मोबाइल नंबर लिंक होना चाहिए। बैंक अकाउंट और IFSC कोड UAN से जुड़ा होना चाहिए। आधार खाते से लिंक होना चाहिए। साथ ही एम्प्लॉयर ने e-KYC अप्रूव की होनी चाहिए। EPFO डेटाबेस में पुराने और नए, दोनों PF अकाउंट की सही जानकारी होनी चाहिए। यह भी ध्यान रखें कि EPFO सिस्टम हर पुराने PF अकाउंट के लिए सिर्फ एक ट्रांसफर रिक्वेस्ट की अनुमति देता है।