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Defence Stocks: मजबूत ऑर्डर बुक और बढ़िया रेवेन्यू अनुमान से डिफेंस शिपबिल्डिंग शेयरों में तेजी, Mazagon Dock और GRSE में आया उछाल

Defence Stocks Today: मंगलवार को Stock Market में तेजी दर्ज की गई। मार्केट की इस तेजी में GRSE, Mazagon Dock और Cochin Shipyard के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए। ये तीनों कंपनियां डिफेंस शिपबिल्डिंग सेक्टर की हैं।

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Defence Shipbuilding Stocks में तेजी दर्ज की गई। (PC: AI)

Stock Market Update: मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। सरकारी बैंकों (PSU Banks), फाइनेंशियल और ऑटो शेयरों में मजबूत खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ शांति वार्ता जारी है। इसके बाद निवेशकों ने बाजार में सकारात्मक माहौल बनाए रखा। इसी बीच आज डिफेंस शिपबिल्डिंग कंपनियों के शेयरों में तेजी दिखी। पूरे डिफेंस सेक्टर में खरीदारी का माहौल रहा। डिफेंस शिपबिल्डिंग की तीन प्रमुख कंपनियां हरे निशान में बंद हुई हैं।

डिफेंस कंपनियों के शेयरों में तेजी

गार्डन रीच शिपबिल्डर्स यानी GRSE सबसे ज्यादा 2.86 फीसदी चढ़कर एनएसई पर कारोबार के दौरान 2,688.20 रुपये पर पहुंच गया। मझगांव डॉक भी 2 फीसदी से ज्यादा बढ़कर 2,442.50 रुपये पर बंद हुआ। कोचीन शिपयार्ड 2.69 फीसदी की बढ़त के साथ 1,445.00 रुपये पर बंद हुआ। वहीं, डिफेंस इंडेक्स कुल मिलाकर 1.5 फीसदी ऊपर रहा और इसके 19 में से 17 शेयर हरे निशान में थे।

क्या डिफेंस सेक्टर में है तेजी के संकेत

ब्रोकरेज फर्म चॉइस ब्रोकिंग के मुताबिक भारत का नौसैनिक उद्योग विकास के अगले चरण में प्रवेश कर रहा है। साल 2035 तक इस सेक्टर में करीब 2.35 लाख करोड़ रुपये (लगभग 25 अरब डॉलर) के ऑर्डर मिलने की संभावना है, जिसका सबसे बड़ा लाभ Mazagon Dock, कोचीन शिपयार्ड और GRSE को मिल सकता है।

वहीं, फिलिप कैपिटल के मुताबिक, भारत का नेवल कैपेक्स यानी नौसेना खर्च वित्त वर्ष 2018 के 9,300 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 में 24,400 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। यह तीन गुने से भी ज्यादा की बढ़ोतरी है। इस ब्रोकरेज ने तीनों शेयरों पर बाय रेटिंग दी है। सरकार ने 69,700 करोड़ रुपये का शिपबिल्डिंग और मैरीटाइम डेवलपमेंट पैकेज घोषित किया है।

4 गुना बढ़ी ऑर्डर बुक

चॉइस ब्रोकिंग के मुताबिक Mazagon Dock का ऑर्डर बुक 4 गुना बढ़ा है, जो आने वाले कई सालों तक रेवेन्यू विजिबिलिटी देता है। कोचीन शिपयार्ड का बुक-टू-बिल रेश्यो करीब 3.8 गुना है। वहीं, GRSE का बुक-टू-बिल रेश्यो 2.2 गुना है।

क्या होता है बुक-टू-बिल रेश्यो?

बुक-टू-बिल रेश्यो यह बताता है कि किसी कंपनी के पास अपनी मौजूदा सालाना बिक्री के मुकाबले कितना ऑर्डर बुक है। अगर यह रेश्यो 3 है तो मतलब है कि कंपनी के पास अगले 3 साल का काम पहले से तय है। यह रेश्यो जितना ज्यादा होगा, कंपनी की आगे की कमाई उतनी ज्यादा तय मानी जाती है।

शेयर बाजार का हाल

एनएसई पर निफ्टी-50 में 119.10 अंक यानी 0.52 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। वहीं, बीएसई पर सेंसेक्स 394.50 अंक यानी 0.54 फीसदी की तेजी के साथ 73,918.76 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी-50 में इंटरग्लोब एविएशन यानी इंडिगो, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज और आयशर मोटर्स सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज करने वाले शेयर रहे। वहीं, निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 1.35 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 1.69 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुए।