
जबलपुर। ना वो दोस्त थे, ना ही पड़ोसी..। बीच रास्ते में मुलाकात हुई, आंखें मिली और प्यार हो गया। एक-दूसरे के मोबाइल नंबर शेयर किए। बातों का दौर चला और फिर दोनों इतने करीब आ गए कि एक-दूजे के जीवन भर के साथी बन गए। बात हो रही है राजेश बलेचा और सेजल की रियल लव स्टोरी की। इनके प्यार की कहानी किसी फिल्म स्टोरी से कम नहीं है, दरअसल गाडिय़ों के सेम नंबर ही इनके मिलन का कारण बना। बी माय फस्र्ट लव की श्रंखला में आईए आज बताते हैं, ऐसी लव स्टोरी जिसमें गाडिय़ों वाली लव केमिस्ट्री आपको भी मुस्कुराने के लिए विवश कर देगी।
ऐसा हुआ मिलन
राजेश ने बताया कि वह अपने फें्रड के साथ जॉगिंग के लिए कार में निकले हुए थे, वहीं सेजल अपनी सहेली के साथ स्कूटी पर स्कूल जा रही थी। स्कूटी सेजल की थी, जिसे उनकी सहेली चला रही थीं। राजेश की नजर अचानक सेजल की स्कूटी पर पर पड़ी। उसका नंबर उनकी कार के नंबर से मिलता जुलता था। इसी नंबर ने राजेश को सेजल की तरफ आकर्षित कर दिया।
ऐसी बढ़ी बात
राजेश के अनुसार पहली ही नजर में सेजल में उन्हें कुछ खास दिखा। सेजल की सादगी पसंद आ गई। कार और स्कूटी का नंबर लगभग सेम होने पर राजेश ने मन में सोचा कि सेजल का पीछा किया जाए। वे उन्हें फॉलो करते हुए स्कूटी के पास पहुंचे। सेजल से हाय-हेलो की हुई। राजेश ने उन्हें अपना लैंडलाइन नंबर दे दिया दिया। सेजल की सहेली ने कॉल किया तो पता चला कि राजेश सेजल से बात करना चाहते हैं। इस तरह बातें शुरू हुई, फिर मुलाकातों का दौर चला जिसने दोनों को बहुत करीब ला दिया।
रख दी दिल की बात
राजेश के अनुसार वे सेजल को चाहने लगे थे, लेकिन कहने में संकोच हो रहा था। एक दिन साहस करके उन्होंने सेजल से दिल की बात कह दी। उन्होंने शादी का प्रस्ताव दिया। सेजल उस वक्त तो चुप रहीं लेकिन कुछ बाद उनकी खामोशी हां मेंं बदल गई। राजेश की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। सेजल श्रीवास्तव थी और राजेश सिंधी समाज से बिलांग करते हैं। ऐसे में दोनों ही परिवारों में शादी को लेकर कुछ दिक्कतें आई, लेकिन बाद में सब कुछ सामान्य हो गया। खुशी-खुशी दोनों ने सात फेरे लिए और अब खुशहाल जिंदगी जी रहे हैं।
ट्रिपल सेवन में प्रपोजल
सेजल ने बताया कि 7 जुलाई 2007 उनके लिए एक खास तारीख थी। ट्रिपल सेवन को सेलिब्रेट करने के लिए वे एक रेस्टोरेंट गए हुए थे, जहां घुटनों के बल पर बैठकर राजेश ने शादी का प्रपोजल दिया था। रोमांटिक प्रपोजल को सेजल ने एक्सेप्ट किया। उन दिनों को याद करके वे आज भी मुस्कुराते हैं।