छूट प्राप्त सेवाओं से नहीं ले सकते टैक्स

कानूनी स्वीकृति के बिना टैक्स वसूलना अवैध, हाईकोर्ट ने निरस्त किया एकेवीएन से सर्विस टैक्स वसूली सम्बन्धी आदेश

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Oct 25, 2015
court reject bail application
(प्रतीकात्मक फोटो)

जबलपुर।
मप्र हाईकोर्ट ने मप्र औद्योगिक केन्द्र विकास निगम से सर्विस टैक्स वसूलने के सम्बंध में जारी आदेश को निरस्त कर दिया है। हाईकोर्ट के न्यायाधीश राजेन्द्र मेनन और न्यायाधीश एसके सेठ की युगलपीठ ने कहा कि जिस टैक्स को कानून ने स्वीकृति नहीं दी है उसे वसूलना अवैध है। कोर्ट ने याचिका खारिज कर वसूली के सम्बंध में की जाने वाली कार्रवाई को निरस्त कर दिया है।

यह है मामला

एकेवीएन के एमडी द्वारा दायर याचिका में कस्टम, सेंट्रल एक्साइज एंड सर्विस टैक्स भोपाल के कमिश्नर द्वारा जारी उस आदेश को चुनौती दी गई थी जिसमें निगम को सर्विस टैक्स का भुगतान करने को कहा गया था। यह सर्विस टैक्स सड़कों की मरम्मत को लेकर वसूला जा रहा था। याचिका में कहा गया कि जो सेवाएं निगम द्वारा दी जा रही थीं उन्हें सर्विस टैक्स से छूट प्राप्त है। इस स्थिति में टैक्स वसूलना अनुचित है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता का पक्ष सुनने के बाद एकेवीएन से सर्विस टैक्स वसूली सम्बंधी आदेश स्थगित कर दिए हैं। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अभिषेक ओसवाल ने पैरवी की।

Published on:
25 Oct 2015 10:18 am
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