यह जुबां का टेस्ट बढ़ा रहे हैं, साथ ही शरीर को अंदर से खोखला कर मोटापा भी बढ़ा रहे हैं।
Women Health : पिज्जा, मोमोज, बर्गर और नूडल्स…यह जुबां का टेस्ट बढ़ा रहे हैं, साथ ही शरीर को अंदर से खोखला कर मोटापा भी बढ़ा रहे हैं। यही कारण है कि बदलती लाइफ स्टाइल, अनहेल्थी फूड और एक्सरसाइज कमी कम उम्र से ही लोगों में ओबेसिटी बढ़ा रही है। इसका दूसरा बड़ा कारण जंक फूड की अधिक सेवन है। यही कारण है कि शहर में ज्यादातर लोग मोटापे का शिकार हो रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि मोटापा स्लो किलर है। लाइफस्टाइल के साथ बॉडी क्लॉक में हुए बदलाव के कारण भी मोटापा बढ़ रहा है। ओबेसिटी से फाइट करने और लोगों में जागरुकता बढ़ाने के लिए ही हर साल 4 मार्च को वर्ल्ड ओबेसिटी डे मनाया जाता है, ताकि लोग जंक फूड छोड़ने का प्रण लेकर हेल्दी डाइट प्लान चुन सके।
मोटापे के कारण कम उम्र में ही हाई बीपी, शुगर, फैटी लीवर, हार्मोनल इबैलेंस की समस्या हो रही है। पैकेट बंद चिप्स, आइसक्रीम, मीठा, चाइनीज नूडल्स, मोमोज की खाने में अधिकता इसका कारण बन रही है। फिजिकल एक्टिविटीज में कमी भी बच्चों को मोटापे का शिकार बना रहा है।
मोटापे से बचने के लिए बच्चों को पोषण का महत्व बताएं। इसके साथ ही ही खाना चबा-चबा कर खाने की आदत दें। इस बात का ध्यान भी रखें कि मोटापा कम करने के लिए रुक रुक का भोजन करें, लेकिन खाना बंद ना करें। वजन कम करने के लिए डाइट चार्ट बनाएं।
बच्चों में पहले की अपेक्षा अब जल्दी मोटापा बढ़ रहा है। इसका कारण जंक फूड है। मोबाइल की लत भी बच्चों में रूटीन बिगाड़ रही है , जिससे वे बीमार हो रहे हैं।
Women Health : बच्चों में अच्छे खान-पान को शामिल करना होगा। इससे उनका मानसिक विकास भी बेहतर होगा। फिजिकल एक्टिविटी मोटापे को दूर कर सकती है।