हर में सट्टे को लेकर विवाद की खबरें जब-तब आती रही हैं। पहली बार है, जब सट्टे की रकम के विवाद में हत्या की गई
जबलपुर। शहर में सट्टे को लेकर विवाद की खबरें जब-तब आती रही हैं। पहली बार है, जब सट्टे की रकम के विवाद में हत्या की गई। कछपुरा ब्रिज के नीचे 48 वर्षीय सतीश पटेल की हत्या की महेशाखुर्द थाना रहली जिला सागर निवासी 22 वर्षीय युवक ने की थी। दो दिन पहले सट्टा खिलाने वाले सतीश से पहचान के चलते उसने 100 रुपए का सट्टा लगाया था। उसके लगाए अंक फंस गए। इसके एवज में उसे आठ हजार रुपए मिलने थे, जो सतीश पटेल नहीं दे रहा था।
एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा ने सोमवार को 24 घंटे के अंदर इस अंधे कत्ल का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी बृजेश चढ़ार कछपुरा सोसायटी के पास निर्माणाधीन मकान में चौकीदारी करता था। हत्या के बाद अगली सुबह वह बस पकड़ कर दमोह होते हुए गांव फरार हो गया था। 11 अक्टूबर को सतीश पटेल की हत्या कर फेंकी गई लाश मिलने के बाद आसपास पूछताछ करने पर पता चला कि आखिरी बार वह बृजेश के साथ रात में नौ बजे देखा गया था। पुलिस ने निर्माणाधीन मकान में पता किया तो वह गायब मिला। इसके बाद टीम ने उसके गांव में दबिश देकर दबोच लिया।
खून लगे कपड़े बोरी में भरकर प्लाट में फेंक दिया था-
एसपी ने बताया कि प्रकरण में एएसपी सिटी अमित कुमार, सीएसपी दीपक मिश्रा, थाना प्रभारी अनिल मिश्रा और आरक्षक मानवेंद्र के साथ क्राइम ब्रांच की महत्वपूर्ण भूमिका रही। गिरफ्त में आए आरोपी बृजेश चढ़ार ने बताया कि नौ अक्टूबर को उसने 100 रुपए का सट्टा लगाया था। आठ हजार जीतने पर भी सतीष पटेल पैसे नहीं दे रहा था। 10 अक्टूबर को रात नौ बजे उसे कछपुरा तिराहा बुलाया। वहां दोनों ने शराब पी। फिर कछपुरा मालगोदाम के पास बनी सीढिय़ों पर गए। पैसे मांगने पर सतीष ने मना किया तो उसे धक्का दे दिया। नीचे गिरने पर वहां पड़े ईंट से सीने व गर्दन में ताबड़तोड़ कई वार कर हत्या कर दी। जेब से 100 रुपए व मोबाइल लेकर निर्माणधीन मकान में गया। वहां कपड़े बोरी में भरकर पीछे पानी भरे प्लाट में फेंक दिया। सुबह बस पकड़ कर गांव भाग गया था। पुलिस ने कपड़े वाली बोरी भी जब्त की है।