जगदलपुर

Bastar Dussehra 2024: बस्तर दशहरा में शामिल होने CM साय को मिला न्योता, इस दिन होगा मुरिया दरबार का आयोजन

Bastar Dussehra 2024: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से उनके निवास कार्यालय में आए बस्तर दशहरा समिति के सदस्यों ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने बस्तर दशहरा पर्व-2024 में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री को न्योता दिया।
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Bastar Dussehra 2024

Bastar Dussehra 2024: बस्तर दशहरा में शामिल होने मांझी, चालकी के साथ बस्तर दशहरा समिति के प्रतिनिधियों ने शुक्रवार को राजधानी में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को निमंत्रण दिया। इसके अलावा उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू सहित राजधानी के प्रमुख जनप्रतिनिधियों को बस्तर दशहरा में सम्मिलित होने के लिए आमंत्रित किया गया है।

Bastar Dussehra 2024: 15 अक्टूबर को किया जाएगा मुरिया दरबार का आयोजन

आमंत्रण पत्र सौंपने के दौरान बस्तर की सांस्कृतिक विविधता, परंपराओं और कार्यक्रम की जानकारी भी साझा की गई। इस दौरान सांसद महेश कश्यप, वन मंत्री केदार कश्यप, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, जगदलपुर विधायक व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव, विधायक नीलकण्ठ टेकाम आदि थे।

बता दें कि बस्तर दशहरा इस वर्ष 4 अगस्त को पाटजात्रा पूजा विधान के साथ इस पर्व की शुरुआत हुई है। 2 अक्टूबर को काछनगादी पूजा, 10 अक्टूबर को बेल पूजा तथा 15 अक्टूबर को मुरिया दरबार का आयोजन किया जाएगा।

बस्तर राजवंश की परंपराओं से जुड़ा है यह दशहरा पर्व

Bastar Dussehra 2024: उल्लेखनीय है कि बस्तर दशहरा पर्व बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा व सामजिक समरसता का प्रतीक है। चालुक्य नरेश पुरुषोत्तम देव द्वारा पुरी के जगन्नाथ मंदिर जाकर रथपति की उपाधि के साथ वापस लौटने के प्रतीक स्वरूप रथ उत्सव गोंचा व दशहरा का आयोजन किया गया था।

वहीं मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि यह पर्व खास तौर पर यहां की आदिवासी संस्कृति देवी दंतेश्वरी की पूजा और बस्तर राजवंश की परंपराओं से जुड़ा हुआ है। यह त्यौहार बस्तर की सांस्कृतिक विविधता और धार्मिक आस्था का प्रतीक है इसे देखने के लिए देश-विदेश के लोग आते हैं।

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किया जाए: मंत्री केदार कश्यप

Bastar Dussehra 2024: उन्होंने आगे कहा कि यह लगभग 75 दिनों तक चलने वाला पर्व है तथा बस्तर की विशिष्ट परंपराओं से जुड़ा हुआ है। दशहरा के दौरान पूरे बस्तर क्षेत्र में विशेष अनुष्ठान, परंपरागत नृत्य, संगीत और शोभायात्राएं की जाती है। उन्होंने मेला समिति के प्रतिनिधियों से कहा कि आयोजन की तैयारी में किसी भी प्रकार की असुविधा श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को ना हो तथा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किया जाए।

Published on:
28 Sept 2024 02:52 pm