
जगदलपुर. कोरोना के कहर को देखते हुए जिला प्रशासन ने ३१ मार्च तक स्वास्थ्य शिविर और सभी सरकारी आयोजनों पर प्रतिबंध लगाया दिया है। बावजूद इसके मंगलवार को महारानी अस्पताल में मोतीयाबिंद ऑपरेशन के लिए शिविर लगाया गया। इस दौरान करीब ५ से ७ मरीजों का ऑपरेशन भी किया गया। मीडिया को इसकी जानकारी मिलते ही आनन-फानन में शिविर बंद कर दिया गया और मरीजों को वापस भेज दिया गया।
मोतीयाबिंद ऑपरेशन के लिए महारानी अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी करीब २० से अधिक मरीजों को लेकर आए थे। यहां पर पहुंचे सभी मरीजों को एक साथ बैठाया गया था। वहीं एक भी मरीज को मास्क तक नहीं दिया गया। एक ओर स्वास्थ्य विभाग कोरोना वायरस से बचने के लिए लोगों को जागरूक कर रहा है, तो दूसरी ओर स्वास्थ्य कर्मचारी कमिशन के चक्कर में इस जागरूकता अभियान की धज्जियां उड़ाने में लगे हुए। इस शिविर में बकावंड ब्लॉक से अधिक मरीज पहुंचे थे। बकावंड ब्लॉक के ग्राम सोवरा निवासी कांगरी और सोनसोरा बाई ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी दो-तीन दिन पहले जानकारी दिए थे कि मोतीयाबिंद ऑपरेशन के लिए महारानी अस्पताल जाना है। इस वजह से हम लोग यहां पर आए है।