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Unique Love Story: 376 केस में भेजा था जेल, अब वही बना दामाद! जगदलपुर जेल में हुई अनोखी शादी

Inter Caste Marriage: जगदलपुर केंद्रीय जेल में एक अनोखी शादी चर्चा का विषय बनी हुई है। दुष्कर्म के मामले में जेल भेजे गए युवक ने कोर्ट के निर्देश पर अपनी प्रेमिका से जेल परिसर में सात फेरे लिए।
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जगदलपुर

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Shradha Jaiswal

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Updated: 24 Jul 2026, 4:38 PM IST

Unique Love Story

Unique Love Story: प्रेम कहानी में बनी जाति बड़ी दीवार(photo-patrika)

Unique Love Story: छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां केंद्रीय जेल में बंद एक कैदी ने जेल परिसर में अपनी प्रेमिका से शादी कर ली। बताया जा रहा है कि दोनों लंबे समय से एक-दूसरे से प्रेम करते थे, लेकिन अलग-अलग जातियों से होने के कारण युवती के परिजन इस रिश्ते के खिलाफ थे। परिजनों की शिकायत पर युवक के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ था। बाद में युवती ने अदालत में दोनों की सहमति से विवाह की इच्छा जताई, जिसके बाद कोर्ट के निर्देश पर जेल में शादी संपन्न कराई गई।

Jagdalpur Unique Love Story: प्रेम कहानी में बनी जाति बड़ी दीवार

जानकारी के अनुसार, राजूर गांव निवासी सुरेश सेठिया और मनमती कश्यप लंबे समय से एक-दूसरे से प्रेम करते थे। दोनों अलग-अलग जातियों से संबंध रखते थे, जिसके चलते युवती के परिजन इस रिश्ते के खिलाफ थे। परिजनों के विरोध के बाद मामला इतना बढ़ गया कि सुरेश के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 376 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया और न्यायिक प्रक्रिया के बाद वह जेल पहुंच गया।

युवती ने नहीं छोड़ा साथ

सुरेश के जेल जाने के बाद कहानी ने नया मोड़ ले लिया। मनमती कश्यप ने अपने प्रेमी का साथ नहीं छोड़ा और अदालत का दरवाजा खटखटाया। उसने कोर्ट में बयान दिया कि दोनों एक-दूसरे से अपनी मर्जी से प्रेम करते हैं और शादी करना चाहते हैं। युवती ने स्पष्ट किया कि वह किसी दबाव में नहीं है और अपनी इच्छा से सुरेश के साथ जीवन बिताना चाहती है। इसके बाद मामले को लेकर न्यायालय ने गंभीरता से विचार किया।

कोर्ट के आदेश पर जेल में सजा मंडप

अदालत ने दोनों की सहमति को देखते हुए पुलिस और जेल प्रशासन को शादी कराने के निर्देश दिए। आदेश मिलते ही केंद्रीय जेल प्रशासन ने आवश्यक तैयारियां शुरू कर दीं। जेल परिसर में मंडप सजाया गया और कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए दोनों ने सात फेरे लिए। इस दौरान जेल प्रशासन और अन्य संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि केंद्रीय जेल परिसर में इस तरह की यह पहली शादी है।

कानून और संवेदनशीलता की मिसाल

यह घटना केवल एक प्रेम कहानी नहीं, बल्कि कानून के मानवीय और संवेदनशील पक्ष को भी सामने लाती है। मामले ने यह संदेश दिया है कि जब दोनों पक्षों की सहमति और सच्चाई सामने आती है, तो न्याय व्यवस्था भी परिस्थितियों को समझते हुए उचित निर्णय ले सकती है। जगदलपुर की यह अनोखी शादी अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।