CG Education: जगदलपुर में शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में एमबीए, एमसीए व बीएड जैसे पाठ्यकम में भी अतिथि शिक्षकों की भर्ती की जानी है।
CG Education: छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में इन दिनों विभ्न्नि अध्ययनशालाओं में अतिथि लेक्चरर्स की भर्ती की जा रही है। इनमें एमबीए, एमसीए व बीएड जैसे पाठ्यकम में भी अतिथि शिक्षकों की भर्ती की जानी है। जबकि इन पाठ्यक्रम का संचालन बीते छह साल से संविदा प्राध्यापकों के जरिए करवाया जा रहा है। अभी भी इन संविदा प्राध्यापकों का कार्यकाल सतत जारी है।
Education News: ज्ञात हो कि एमसीएस व एमबीए पाठ्यक्रम का संचालन आल इंडिया काउंसिल आफ टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई ) करती है। जबकि बीएड पाठ्यक्रम का संचालन स्टेट काउंसिल आफ एजुकेशन, रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एससीईआरटी) के माध्यम से होता है। इन तीनों प्रोफेशनल कोर्स का संचालन करने वाली संस्थानों के नार्म्स में कहा गया है कि इन कोर्स का संचालिन नियमित प्राध्यापकों जिनमें रेगुलर या संविदा वाले हों के ही जरिए किए जाए। विश्वविद्यालय के अकादमिक क्रियाकलाप में बीते छह साल से इसी नियम का पालन किया जा रहा था।
शमक विवि में इन तीनों पाठ्क्रम का संचालन आठ से अधिक संविदा प्राध्यापकों के जिम्मे चल रहा है। इन संविदा प्राध्यापकों की सेवाएं लगातार जारी हैं। इधर विवि प्रबंधन ने नई शिक्षा नीति व नए कोर्स के सुचारु संचालन के लिए अतिथि शिक्षकों की भर्ती शुरु कर दी है। इनमें से कुछ विषयों के इंटरव्यू विवि में जारी हैं। इधर पता चला है कि इस भर्ती प्रक्रिया की आड़ में संविदा के विरुद्ध अतिथि शिक्षकों को भर्ती की जा रही है।
संविदा प्राध्यापकों ने इस पूरे मामले से विधायक किरणदेव को अवगत करा दिया है। उन्होंने इस आशय का ज्ञापन विधायक को सौंपकर यह बताया है कि एआईसीटीई व एससीईआरटी के नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है।
स्थापना के बाद इस सत्र में शमक विवि में बड़ी संख्या में शैक्षणिक व अशैक्षणिक रिक्त पदों पर भर्ती हो रही है। इन भर्तियों में आरक्षण के रोस्टर को लेकर अभी असमंजस की स्थिति है। अतिथि भर्ती की प्रक्रिया में यह एक बड़ा सवाल बनकर उभर सकता है।