Mid-Day Meal Food Poisoning: अरंडवाल प्राथमिक शाला में मिड-डे-मील के बाद 24 बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उल्टी और कमजोरी की शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची।
CG Food Poisoning: जगदलपुर जिले के टोकापाल ब्लॉक के अरंडवाल में सरकारी प्राइमरी स्कूल में बुधवार को मिड-डे मील खाने के बाद 24 बच्चे अचानक बीमार पड़ गए। घटना की जानकारी मिलने पर हेल्थ डिपार्टमेंट की टीम तुरंत स्कूल पहुंची और फर्स्ट एड देना शुरू किया। फिलहाल, ज़्यादातर बच्चों की सेहत ठीक बताई जा रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, बच्चों को मिड-डे मील में पत्ता गोभी दी गई थी। खाना खाने के थोड़ी देर बाद ही 10 लड़के और 14 लड़कियों को उल्टी, कमजोरी और घबराहट की शिकायत होने लगी। हालात देखकर स्कूल मैनेजमेंट ने तुरंत हेल्थ डिपार्टमेंट को इन्फॉर्म किया।
स्वास्थ्य अमले ने मौके पर पहुंचकर सभी बच्चों को प्राथमिक उपचार दिया। दूसरी कक्षा की छात्रा मंगली (8 वर्ष) को अधिक कमजोरी महसूस होने पर एहतियातन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तोकापाल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है।
शिक्षकों सुनील मिंज और नीला राम बघेल के अनुसार, मध्यान्ह भोजन के बाद बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोली भी दी गई थी। यह दवा कृमिनाशक के रूप में दी जाती है और पेट के कीड़ों के संक्रमण से बचाव के लिए उपयोग की जाती है।
घटना की जानकारी मिलने पर, हेल्थ डिपार्टमेंट की एक टीम, जिसमें RMA राजेंद्र कुमार साहू भी शामिल थे, स्कूल पहुंची। बाद में, CMHO डॉ. संजय बसाक और डिस्ट्रिक्ट इम्यूनाइज़ेशन ऑफिसर डॉ. सी. मैत्री भी हालात का इंस्पेक्शन करने के लिए स्कूल पहुंचे। अधिकारियों ने स्कूल स्टाफ को ज़रूरी गाइडेंस दी।
CG Food Poisoning: खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. ऋषभ साव ने बताया कि सभी बच्चों की स्थिति अब सामान्य है और घबराने की कोई बात नहीं है। एहतियात के तौर पर मिड-डे-मील की गुणवत्ता की जांच की जा रही है तथा पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।
एल्बेंडाजोल एक कृमिनाशक दवा है जिसका इस्तेमाल पैरासाइटिक वर्म इन्फेक्शन के इलाज के लिए किया जाता है। यह राउंडवर्म, हुकवर्म, पिनवर्म और व्हिपवर्म जैसे कीड़ों को खत्म करने में मदद करता है। इसका इस्तेमाल आंतों के इन्फेक्शन और दूसरी पैरासाइटिक बीमारियों के इलाज के लिए भी किया जाता है।