CG News: बड़े बोदल की घटना पर विरोध सुबह से शाम तक शहर बंद रहा। सर्व आदिवासी समाज और विहिप के पदाधिकारी विरोध में निकले थे। बता दें कि बीजापुर में पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या और नक्सली हिंसा का कड़ा विरोध किया गया।
CG News: सर्व आदिवासी समाज और विश्व हिन्दू परिषद बजरंग दल की ओर से मंगलवार को संयुक्त रुप से किया गया शहर बंद पूर्ण रुप से सफल रहा। यह बंद ग्राम पंचायत बड़े बोदल में आदिवासी समाज के प्रमुखों पर हुई घटना के विरोध में किया गया था। इसके अलावा समाज प्रमुखों और सदस्यों ने बीजापुर में पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या और नक्सली हमले में जवानों की मौत की कड़ी भर्त्सना की है।
धर्मांतरण पर रोक, नक्सली हिंसा के विरोध में हाथों में तख्तीयां लेकर नारे लगाए। बंद से पहले सर्व आदिवासी समाज और विश्व हिंदु परिषद के पदाधिकारी और कार्यकर्ता वीर क्रांतिकारी अमर शहीद गुण्डाधुर की प्रतिमा के समक्ष एकत्रित हुए। यहां पर समाज के प्रमुखों के द्वारा बड़ेबोदल में एक समुदाय विशेष के द्वारा सरपंच और समाज के प्रमुखों पर हुए हमले की घोर निंदा की गई।
सर्व आदिवासी समाज के प्रदेश अध्यक्ष राजाराम तोड़ेम और जिलाध्यक्ष दशरथ कश्यप ने कहा कि यह बंद घटना के प्रति विरोध और समर्थन का प्रतीक है, जिसमें आदिवासी समाज के प्रमुखों की सुरक्षा और सम्मान की मांग की जा रही है। उन्होंने कहा कि बस्तर के आदिवासी क्षेत्रों में ईसाई मिशनरी की ओर से किए जा रहे धर्मांतरण का विरोध करते हैं। (chhattisgarh news) खास करके बड़े बोदल में आदिवासी समाज से चुने हुए जनप्रतिनिधि सरपंच पर ईसाई समाज के लोगों द्वारा जानलेवा हमला किया उसके विरोध में बंद का आह्वान किया गया।
इस बंद का समर्थन बस्तर चैम्बर ऑफ कॉमर्स ने सर्व सम्मति से किया था। वहीं शहर के सभी व्यापारी वर्ग ने भी इस बंद का समर्थन करते हुए अपनी दुकानों और प्रतिष्ठानों को स्वस्फूर्त रूप से बंद रखा। बंद के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचने के लिए, पुलिस- प्रशासन ने शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। इस दौरान शहर में चहल-पहल काफी कम रही। गिनती के लोग ही सड़क पर दिखाई दिए।
CG News: बंद का असर शहर के अलावा ग्रामीण इलाकों में भी देखने को मिला। शहर से लगे अधिकांश पंचायतों में व्यापारियों ने समर्थन करते हुए दुकानें बंद रही थी। हालांकि इस दौरान आवश्यक सेवाओं शामिल मेडिकल दुकान, फल और दुध की दुकानों को खुले रहें। जबकि अन्य सभी दुकान दिन भर बंद रही। शाम 5 बजे के बाद से शहर की सभी छोटी-बड़ी दुकानों, ठेले और होटल खुल गए। इसके बाद जनजीवन फिर से सामान्य हुआ।