जगदलपुर

Chhattisgarh News: ज्ञान व लोकतंत्र का रिश्ता होगा मजबूत, अब छात्र सीखेंगे नेतागिरी के गुर, मॉक इलेक्शन भी कराया जाएगा

Jagdalpur News: केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से संबंधित स्कूलों के बच्चे अब नेतागिरी के गुड़ सीखेंगे। वे पूरे चुनावी प्रकिया से अवगत होंगे।

2 min read
Oct 31, 2024

Chhattisgarh News:जगदलपुर पत्रिका @ आकाश मिश्रा। भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और अब समूचे देश के सीबीएसई स्कूलों के बच्चे लोकतंत्र को जानेंगे। बच्चे स्कूल की पढ़ाई के बीच जानेंगे कि आखिर चुनाव होता क्या है, इसकी प्रक्रिया क्या होती है। चुनाव लड़़ा और जीता कैसे जाता है। इसके लिए स्कूलों में डेमाक्रेसी क्लब बनाए जाएंगे। लोकतंत्र को मजबूत करने और स्कूलों से ही चुनावी साक्षरता बढ़ाने के लिए यह पहल की जा रही है। स्कूली छात्रों को इसके जरिए नेतृत्व के गुर भी बताए जाएंगे।

सीबीएसई ने पिछले सप्ताह ही देशभर के सभी संबद्ध स्कूलों को इस संबंध में विस्तृत गाइडलाइन जारी कर दी है। अब इसी गाइडलाइन के आधार पर स्कूल कार्यक्रम तय करेंगे। इस गाइडलाइन के जरिए छात्रों की लोकतंत्र में प्रभावी भूमिका तय की जाएगी।

यह देखने में आया है कि पिछले कई दशकों से नेतृत्व करने वालों में कम पढ़े लिखे, आपराधिक क्षेत्रों में शामिल रहने लोगों की भागीदारी बढ़ी है। ऐसे में लोकतंत्र के भविष्य को लेकर सवाल उठने लगे हैं। इसे देखते हुए आम लोगों को चुनावी तौर पर साक्षर करना, लोकतंत्र के मूल्यों की जानकारी देना जरूरी हो गया है। सीबीएसई ने स्कूल स्तर पर ही इसकी शुरुआत करने का निर्णय लिया है। केंद्रीय चुनाव आयोग की सहभागिता से यह मुहिम शुरू की गई है।

लोकतांत्रिक भागीदाारी और सक्रिय नागरिकता की सोच

सीबीएसई ने यह पहल इसलिए की है ताकि स्कूलों में चुनावी क्लब के माध्यम से छात्रों में नागरिक सहभागिता, लोकतांत्रिक भागीदारी, आलोचनात्मक सोच, सक्रिय नागरिकता और चुनावी साक्षरता को बढ़ावा मिल सके। चुनावी क्लब लोकतांत्रिक मूल्यों, लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी, सक्रिय नागरिकता और कम उम्र से ही जिम्मेदार नेतृत्व को बढ़ावा देने के लिए मंच के रूप में काम करेंगे। ये क्लब छात्रों को मतदाता पंजीकरण और मतदान प्रक्रियाओं से परिचित कराएंगे।

छात्रों में बोलने की प्रभावी क्षमता विकसित होगी

चुनावी क्लब के माध्यम से ऐसा माहौल तैयार किया जाएगा कि छात्रों में बोलने की क्षमता विकसित होगी। चुनावी क्लबों और लोकतंत्र क्लबों में सभी छात्र सदस्य बन सकेंगे। छात्रों को अपनी राय व्यक्त करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए कहा गया है। इसके लिए कार्यशालाएं होंगी, जिसमें छात्र अपने विचार व्यक्त कर सकेंगे। स्कूलों को क्लब गतिविधियों के संचालन और देखरेख के लिए सलाहकार या समन्वयक नियुक्त करने होंगे। चुनावी क्लब और लोकतंत्र कक्ष का गठन प्राइमरी, मिडिल और हाई-हायर सेकेंडरी स्तर पर किया जाएगा।

मॉक इलेक्शन के जरिए समझेंगे मतदान की प्रक्रिया

छात्रों को मॉक या डमी इलेक्शन के माध्यम से प्रचार, मतदान और मतगणना के चरणों की जानकारी दी जाएगी। लोकतंत्र, शासन, चुनावी सुधार और प्रासंगिक समसामयिक मामलों पर वाद-विवाद, पैनल चर्चा और खुले मंच आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा चुनाव अधिकारियों, राजनीतिक प्रतिनिधियों को उनके अनुभवों, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के महत्व और लोकतांत्रिक शासन पर व्याख्यान देने के लिए बुलाया जाएगा।

Published on:
31 Oct 2024 07:52 am
Also Read
View All

अगली खबर