
जगदलपुर. जिले में बतौर डीईओ शिक्षा व्यवस्था की कमान संभाल रहे एचआर सोम से सरकार को सवा दो करोड़ रुपए वसूलने हैं। महासमुंद डीईओ रहते हुए घटिया फर्नीचर खरीदी के मामले में वे अब भी जांच के दायरे में हैं। सरकार ने खरीदी के लिए भुगतान किए गए २ करोड़ १८ लाख ९४ हजार रुपए की रिकवरी का आदेश दे दिया है।
१६ फरवरी २०१९ को विधानसभा में भी यह मामला उठा
महासमुंद के कांग्रेस विधायक विनोद चंद्राकर ने शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम से पूछा कि क्या डीईओ महासमुंद द्वारा वर्ष २०१०-११ और वर्ष २०११-१२ में गुणवत्ता विहीन फर्नीचर खरीदी में राशि वसूल करने का आदेश जारी हुआ है। इसके जवाब में स्कूल शिक्षा मंत्री ने माना कि जिला शिक्षा अधिकारी से करीब २ करोड़ १८ लाख ९४ हजार रुपए वसूल किए जाने हैं। मामले में जांच भी चल रही है। इस मामले में जानकारी मिली है कि डीईओ एचआर सोम ने अब तक सरकार को एक रुपए भी नहीं दिया है।
आर्थिक अनियमितता में जांच जारी इसलिए प्रमोशन रुका
एचआर सोम महासमुंद के अलावा रायगढ़, बीजापुर में भी डीईओ रह चुके हैं। उन पर महासमुंद में आर्थिक अनियमितता का आरोप लगा। उन्हें इस मामले में निलंबित किया गया। फिलहाल इस स्तरहीन फर्नीचर खरीदी के मामले में जांच भी जारी है। बताया जा रहा है कि तीन महीने पहले उनका संयुक्त संचालक के पद पर प्रमोशन होना था लेकिन आर्थिक अनियमितता के मामले में उनके खिलाफ जांच जारी होने की वजह से उनका प्रमोशन नहीं हो पाया।
अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर आदेश जारी कर रहे बस्तर डीईओ
एचआर सोम को लेकर लगातार ये बात सामने आ रही है कि वे अपने अधिकार क्षेत्र के बाहर जाकर आदेश जारी कर रहे हैं। उन्हें सिर्फ सहायक शिक्षक और एलबी को ही आदेश देने का अधिकार है लेकिन वे प्रधानपाठक, प्राचार्य और व्याख्याताओं के लिए भी आदेश जारी करते हैं। सितंबर २०१८ में बस्तर के लिए शासन ने ज्वाइंट डायरेक्टर का सेटअप दिया। फरवरी २०१९ में जेडी को भर्ती, पदोन्नति का अधिकार दिया गया। इस तरह वे फुल फ्लैश प्रभार में आ गए। इसके बावजूद जेडी के काम में डीईओ के दखल की शिकायत होती रही।
सीधी बात एचआर सोम, डीईओ बस्तर
सवाल: क्या फर्नीचर खरीदी के मामले में आपके खिलाफ जांच चल रही है।
जवाब: नहीं, जांच पूरी हो चुकी है।
सवाल: क्या आपके पास जांच पूरी होने और इसमें आपके बरी होने का कोई साक्ष्य है।
जवाब: साक्ष्य आप शासन से ले लें।
सवाल: आप अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर आदेश जारी करते हैं, ऐसी शिकायत है।
जवाब: मैंने कभी भी ऐसा नहीं किया है। मैं अपने अधिकार क्षेत्र में रहकर ही काम करता हूं।
सवाल: क्या आपका प्रमोशन इसलिए रोका गया क्योंकि आपके खिलाफ जांच चल रही थी।
जवाब: ऐसा नहीं है, इसके पीछे कुछ तकनीकी कारण हैं।