
CG Naxal News: लालबाग स्थित शौर्य भवन में 108 नक्सलियों बुधवार को सरेंडर कर दिया। यह सरेंडर इसलिए ऐतिहासिक बन गया क्योंकि दण्डकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के सभी नक्सली अपने साथ 3 करोड़ 61 लाख कैश और 1 किलो सोना लाए हैं। ऐसा पहली बार हुआ है जब इतना हैवी कैश नक्सलियों से मिला है।
अब बस्तर पुलिस सरेंडर नक्सलियों से पूछताछ करने की तैयारी में है कि उन्हें इतना कैश आखिर किस सोर्स से मिला। डीजीपी अरुण देव गौतम ने भी कहा कि अभी आगे इस पर जांच होगी। उन्होंने यह भी कहा कि सभी सरेंडर नक्सलियों से यह भी पूछा जाएगा कि बस्तर में कहां-कहां पर आईईडी दबी है।
डीजीपी अरुण देव गौतम ने डेडलाइन से 20 दिन पहले बड़ी बात कह दी। उन्होंने कहा कि जितने भी नक्सली बचे हुए हैं उनके इनपुट हमारे पास आ रहे हैं। जो नहीं लौट रहे हैं। उन्हें न्यूट्रीलाइज करने की भी हमारी तैयारी है। डीजीजी के इस बयान के साफ मायने हैं कि अब आने वाले कुछ दिनों में ऑपरेशन भी तेज हो सकते हैं कि क्योंकि अब 31 मार्च ज्यादा दूर नहीं है।
पत्रिका ने बीते दिनों बस्तर में दबे आईईडी के खतरे पर एक अभियान चलाया था। इसके बाद सरकार का पूरा फोकस अब बस्तर को आईईडी मुक्त बनाने पर है। हमने सवाल उठाया था कि आखिर सरेंडर नक्सलियों से आईईडी के इनपुट्स क्यों नहीं लिए जा रहे हैं। अब इसी सवाल का जवाब डीजीपी ने देते हुए कहा कि सरेंडर नक्सलियों से इनपुट्स लेकर बस्तर को आईईडी मुक्त बनाया जाएगा।