जगदलपुर

सपनों को मिलेगी नई उड़ान, IndiGo Pilot Training Program ‘गिविंग विंग्स टू फ्लाई’ से बस्तर की बेटियां बनेंगी पायलट

IndiGo Pilot Training Program CSR: शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय, बस्तर और स्वावलंबी भारत अभियान के संयुक्त प्रयास से इंडिगो एयरलाइंस की CSR इकाई द्वारा “गिविंग विंग्स टू फ्लाई” कार्यक्रम शुरू किया गया है।
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Updated: 19 Jun 2026, 10:04 AM IST
IndiGo “Giving Wings to Fly” program
छू लो आसमान: IndiGo “Giving Wings to Fly” program (फोटो सोर्स- AI)

Bastar Tribal Girls Pilot Training: बस्तर की प्रतिभाशाली बेटियों के सपनों को नई उड़ान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय, बस्तर, जगदलपुर एवं स्वावलंबी भारत अभियान के संयुक्त प्रयास से इंडिगो एयरलाइंस की सीएसआर इकाई द्वारा गिविंग विंग्स टू फ्लाई कार्यक्रम शुरू किया गया है। इस विशेष पहल के तहत बस्तर के जनजातीय एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की छात्राओं को वाणिज्यिक (कमर्शियल) पायलट बनने के लिए प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।

बस्तर की बेटियां भी आसमान में अपनी नई पहचान बना सकेंगी

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मनोज कुमार श्रीवास्तव ने इसे बस्तर की बेटियों के लिए एक ऐतिहासिक अवसर बताते हुए विश्वविद्यालय से संबद्ध सभी महाविद्यालयों के प्राचार्यों से पात्र छात्राओं की पहचान कर उन्हें इस योजना से जोड़ने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य ऐसी प्रतिभावान युवतियों को आगे बढ़ाना है, जो आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण अपने सपनों को साकार नहीं कर पाती हैं।

कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित छात्राओं को विमानन क्षेत्र में करियर निर्माण के लिए आवश्यक प्रशिक्षण, विशेषज्ञ मार्गदर्शन तथा आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। इससे न केवल युवतियों को देश के प्रतिष्ठित विमानन क्षेत्र में प्रवेश का अवसर मिलेगा, बल्कि बस्तर की बेटियां भी आसमान में अपनी नई पहचान बना सकेंगी।

Bastar Tribal Girls Pilot Training: पायलट ट्रेनिंग के लिए यह हैं पात्रता की शर्तें

वाणिज्यिक पायलट प्रशिक्षण कार्यक्रम में आवेदन करने वाली अभ्यर्थी भारतीय महिला होनी चाहिए, जिसकी आयु 18 से 35 वर्ष के बीच हो। आवेदिका ने 10 2 में अंग्रेजी, भौतिकी और गणित विषयों के साथ प्रत्येक विषय में न्यूनतम 51 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हों। इसके अलावा आवेदिका के पास आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईब्ल्यूएस) का वैध प्रमाण पत्र होना भी अनिवार्य है।

30 जून तक कर सकेंगी आवेदन

इच्छुक छात्राएं 30 जून 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। आवेदन केवल आधिकारिक पोर्टल इंडिगो के माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। विश्वविद्यालय ने सभी महाविद्यालयों से चयनित एवं इच्छुक छात्राओं की जानकारी निर्धारित गूगल फॉर्म में भरकर विश्वविद्यालय को भेजने का भी अनुरोध किया है।

बस्तर की आदिवासी बेटियों के लिए इंडिगो की यह पहल एक ऐतिहासिक अवसर है, जिसके तहत उन्हें कमर्शियल पायलट बनने के लिए प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और आर्थिक सहायता मिलेगी। यह कार्यक्रम न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएगा, बल्कि उन्हें विमानन क्षेत्र में करियर बनाने का सुनहरा मौका भी देगा।

Updated on:
19 Jun 2026, 10:04 AM IST
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