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19 शिक्षक-प्राचार्यों को एक साथ नोटिस, निरीक्षण में खुली जगदलपुर स्कूलों की पोल, मची खलबली

Teachers Notice Issued: जगदलपुर जिले में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ शिक्षा विभाग ने स्कूलों की व्यवस्थाओं की हकीकत परखी तो कई चौंकाने वाली खामियां सामने आईं।
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Notice Issued

नोटिस (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Chhattisgarh News: नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ जगदलपुर जिले के बकावंड विकासखंड के विद्यालयों में प्रवेशोत्सव उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों का स्वागत करने के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति परखने के लिए अधिकारियों ने स्कूलों का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सामने आई लापरवाहियों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए 19 शिक्षक, प्राचार्य और संकुल समन्वयकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

18 विद्यालयों का किया गया औचक निरीक्षण

प्रवेशोत्सव के साथ जिला शिक्षा अधिकारी बलिराम बघेल, विकासखंड शिक्षा अधिकारी चंद्रशेखर यादव और खंड स्रोत समन्वयक सोन सिंह बघेल की संयुक्त टीम ने विकासखंड के 18 विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। वहीं संयुक्त संचालक (जेडी) एच.आर. सोम ने नलपावंड, तारापुर, उलनार समेत अन्य विद्यालयों का दौरा कर शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की समीक्षा की।

टीसी वितरण में लापरवाही आई सामने

निरीक्षण के दौरान कई विद्यालयों में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। अधिकारियों ने पाया कि अनेक स्कूलों द्वारा विद्यार्थियों को अब तक ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) जारी नहीं किए गए हैं। इससे छात्रों की आगे की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और उन्हें प्रवेश संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

साफ-सफाई और व्यवस्थाओं पर भी उठे सवाल

निरीक्षण के दौरान कुछ विद्यालयों में साफ-सफाई की स्थिति भी संतोषजनक नहीं मिली। इसके अलावा शैक्षणिक अभिलेखों के संधारण और प्रशासनिक कार्यों में भी खामियां पाई गईं। अधिकारियों ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित जिम्मेदारों से जवाब मांगा है।

19 शिक्षक, प्राचार्य और संकुल समन्वयकों को नोटिस

अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा विभाग ने 19 शिक्षक, प्राचार्य और संकुल समन्वयकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शिक्षा व्यवस्था में लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भविष्य में भी इस तरह के निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे।

पहले ही दिन मजदूर बने छात्र, कार से उतारी किताबें

वहीं सरकारी स्कूलों में बच्चों को शिक्षा और संस्कार देने की बात की जाती है, लेकिन रायपुर जिले के शशिबाला शास. अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय, गुढि़यारी में बच्चों से किताबें ढुलवाने का मामला सामने आया है। स्कूल परिसर में कार से किताबों के बंडल बच्चों से उतरवाए गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बच्चे कार से किताबें निकालकर स्कूल के अंदर तक पहुंचा रहे थे। इसका एक वीडियो भी मिला है जिसमें जब इस संबंध में प्रिंसिपल से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, ये हमारे स्कूल के बच्चे नहीं हैं। यहां कोई नहीं है, इसलिए इन्हीं से काम करा रहे हैं। जब बच्चों से इस तरह काम कराने पर दोबारा आपत्ति की गई तो प्रिंसिपल ने जवाब दिया, आप ही कर दो।

इसके बारे में जानकारी नहीं है। लेकिन हमारे यहां स्कूल में अभी कोई भी किताबें नहीं आई है। मिडिल स्कूल में आई हैं। - अर्चना दुबे, प्राचार्य, शशिबाला शास. अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय, गुढि़यारी