
Jhiram Case Final Hearing: देश को झकझोर कर रख देने वाले 13 साल पुराने झीरम घाटी कांड में अब लंबे समय से चल रही न्यायिक प्रक्रिया अंतिम बहस के दौर में पहुंच गई है। आज यानी मंगवार को बचाव पक्ष की ओर से अपनी अंतिम दलीलें रखने का अवसर दिया गया है। बता दें कि सोमवार को जगदलपुर की एनआईए कोर्ट में मामले की फाइनल बहस शुरू हुई। लंच के बाद दोपहर करीब 3 बजे सरकारी पक्ष की ओर से अधिवक्ता दिनेश पाणिग्राही ने बहस शुरू की, जो करीब दो घंटे तक चली। समय अधिक होने के कारण अदालत ने मामले की आगे की बहस और सुनवाई के लिए मंगलवार सुबह 11 बजे का समय निर्धारित किया थ।
ऐसे में मंगलवार को एक बार फिर सरकारी पक्ष की ओर से दिनेश पाणिग्राही अपनी दलीले रख रहे है। इसके बाद आरोपियों की ओर से अधिवक्ता अरविंद चौधरी अपना पक्ष रखेंगे। अनुमान लगाया जा रहा है कि दोनों पक्षों को सुनने के बाद अब कभी भी फैसला आ सकता है। वहीं आज चल रही सुनवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इसमें सरकारी पक्ष की दलीलें आगे बढ़ने के बाद आरोपियों की ओर से भी अपना पक्ष रखा जाना है। इसके बाद अदालत की कार्यवाही किस दिशा में आगे बढ़ती है, इस पर सबकी नजर रहेगी।
झीरम घाटी में 25 मई 2013 को हुए हमले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और सुरक्षा बलों के जवानों समेत बड़ी संख्या में लोगों की जान गई थी। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था। लंबे समय से चल रही न्यायिक प्रक्रिया के बाद अब मामला अंतिम बहस के चरण में पहुंचने से सभी की नजरें अदालत की आगामी सुनवाई पर टिक गई है।
अंतिम बहस शुरू होने के साथ ही अब झीरम मामले के संभावित फैसले को लेकर भी उम्मीदें बढ़ गई हैं। हालांकि मंगलवार को बहस पूरी होती है या सुनवाई आगे किसी अन्य तारीख तक जाती है, यह अदालत की कार्यवाही पर निर्भर करेगा। मामले में फैसला कब सुनाया जाएगा, इसे लेकर फिलहाल आधिकारिक प्रति स्पष्ट नहीं है।
सोमवार को अंतिम बहस में शामिल होने के लिए सेंट्रल जेल जगदलपुर से 10 बंदियों को अदालत लाया गया। मामले में 11 आरोपी थे जिसमें एक की मृत्यु हो चुकी है। इनमें दो महिलाएं भी शामिल थीं। सुरक्षा व्यवस्था के बीच सभी को न्यायालय में पेश किया गया और सुनवाई की प्रक्रिया में शामिल किया गया।