जगदलपुर

Litchi production in CG: बस्तर के किसान रसीली लीची की खेती कर बनेंगे धनवान, लगाए 1200 पौधे, दिया जा रहा प्रशिक्षण

Litchi production in Bastar: यह ऊष्णकटिबंधीय फल है, जिसका मूल निवास चीन है। इसका वैज्ञानिक नाम लीची चिनेंसिस है। भारत में की लीची खेती सबसे पहले जम्मू कश्मीर, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में होती रही है

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Litchi production in CG: बहुत जल्दी ही बस्तर में लीची की बहार आने वाली है। बस्तर जिले के दरभा इलाके में नवाचार के तहत ग्रामीणों को व्यवसायिक खेती के लिए किसानों को लीची की खेती का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके लिए प्रदान के द्वारा यहां के लगभग 40 से 50 किसानों को 1600 लीची के पौधों का वितरण किया गया है। भरत के कई इलाके में इसके फलों के लिए व्यावसायिक रूप से इसकी खेती की जाती है। यही वजह है कि अब इसके खेती के लिए यहां के किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे आने वाले वर्षों में यहां के किसान खुशहाल होंगे।

Litchi production in CG: भारत में यहां होती है लीची की खेती

Litchi production in CG: लीची की खेती भारत में नया नहीं है। यह ऊष्णकटिबंधीय फल है, जिसका मूल निवास चीन है। इसका वैज्ञानिक नाम लीची चिनेंसिस है। भारत में की लीची खेती सबसे पहले जम्मू कश्मीर, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में होती रही है। अब इसकी बढ़ती मांग को देखते हु अन्य राज्यों में भी खेती की जाने लगी है। वर्तमान में पंजाब, हरियाणा, उत्तरांचल, आसाम, त्रिपुरा,बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, उड़ीसा जैसे राज्यों में इसकी खेती हो रही है।

बहुत जल्दी ही बस्तर में लीची की बहार आने वाली है। बस्तर जिले के दरभा इलाके में नवाचार के तहत ग्रामीणों को व्यवसायिक खेती के लिए किसानों को लीची की खेती का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके लिए प्रदान के द्वारा यहां के लगभग 40 से 50 किसानों को 1600 लीची के पौधों का वितरण किया गया है। भरत के कई इलाके में इसके फलों के लिए व्यावसायिक रूप से इसकी खेती की जाती है। यही वजह है कि अब इसके खेती के लिए यहां के किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे आने वाले वर्षों में यहां के किसान खुशहाल होंगे।

Litchi production in Bastar: भारत में यहां होती है लीची की खेती

लीची की खेती भारत में नया नहीं है। यह ऊष्णकटिबंधीय फल है, जिसका मूल निवास चीन है। इसका वैज्ञानिक नाम लीची चिनेंसिस है। भारत में की लीची खेती सबसे पहले जम्मू कश्मीर, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में होती रही है। अब इसकी बढ़ती मांग को देखते हु अन्य राज्यों में भी खेती की जाने लगी है। वर्तमान में पंजाब, हरियाणा, उत्तरांचल, आसाम, त्रिपुरा,बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, उड़ीसा जैसे राज्यों में इसकी खेती हो रही है।

Bastar news: पोषक तत्व और विटामिन से भरपूर

लीची में विटामिन सी, विटामिन बी6, नियासिन, राइबोफ्लेविन, फोलेट, तांबा, पोटेशियम, फॉस्फोरस, मैग्निशियम और मैग्नीज जैसे खनिज पाए जाते हैं। इसमें पानी भरपूर मात्रा में होता है जो हमारे शरीर और पेट को ठंडक देते है। लीची के सेवन से मिलने वाले पोषक तत्व से इम्यूनिटी बढ़ता हैं।

दरभा के दर्जनों गांव में पेड़ हो रहे तैयार

लीची का पेड़ उष्णकटिबंधीय सदाबहार पेड़ है जो गर्म, आर्द्र जलवायु में होता है। प्रदान संस्था की ओर से दरभा ब्लॉक में किसानों को बड़े पैमाने पर व्यवसायिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। यहां समूहों के माध्यम से गांव गांव में नए तकनीक सिखाए जा रहे हैं। लीची से होने वाले आमदनी को देखते हुए तीरथगढ़, मामड़पाल, चंद्रगिरी, केलाउर, अलवा, कटेनार, मंगनार और ढोढरेपाल जैसे दर्जनों गांवों के लगभग 40 किसान इन दिनों लीची की खेती की ओर उन्मुख हुए है।

Updated on:
12 Jul 2024 06:31 am
Published on:
11 Jul 2024 05:16 pm
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