Online Satta: मोबाइल एप के जरिए गली-मोहल्लों में दांव लगवाए जा रहे हैं, जबकि पुलिस अब तक मुख्य सटोरियों तक नहीं पहुंच पाई है।
Online Satta: आईसीसी टी 20 वल्र्ड कप का रोमांच शहर में चरम पर है, लेकिन इसी उत्साह की आड़ में अवैध सट्टेबाजी का कारोबार भी तेजी से फैलता जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक सटोरियों ने अपना ट्रेंड बदलते हुए अब गली-मोहल्लों में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए दांव लगवाना शुरू कर दिया है। स्थिति यह है कि जहां सटोरियों की चांदी हो रही है, वहीं पुलिस अब तक उनके नेटवर्क तक नहीं पहुंच पाई है।
यही कारण है कि सटोरियों के हौसले बुलंद है और पुलिस बेबस नजर आ रहे हैं। सटोरियों के हौसले बुलंद: एक ओर जहां सटोरिए शहर के अलग अलग इलाके में सक्रिय है वहीं पुलिस की हाथ खाली के खाली है। पुलिस पिछले कई महीनों से किसी भी तरह की सटोरियों को पकड़ने में नाकाम रही है यहीं कारण है कि ऑनलाइन सट्टा खिला रहे सटोरियों की हौसले बुलंद है। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और सूचना मिलते ही कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार पनारा पारा, पथरागुड़ा, इतवारी बाजार, संजय बाजार और धरमपुरा सहित कई इलाकों में सट्टे का कारोबार जोर पकड़ चुका है। पहले जहां सट्टा तय ठिकानों तक सीमित रहता था, अब मोबाइल ऐप, मैसेजिंग ग्रुप और कॉल के जरिए हर गेंद और ओवर पर रकम लगवाई जा रही है। सटोरिए बंद गाड़ियों में घूम-घूमकर ग्राहकों से संपर्क कर रहे हैं, जिससे उनकी पहचान करना मुश्किल हो गया है।
स्थानीय सूत्र बताते हैं कि शहर में प्रतिदिन करोड़ों रुपये का सट्टा लगाया जा रहा है। शुरुआत छोटे दांव से होती है, लेकिन मैच आगे बढ़ते-बढ़ते रकम लाखों तक पहुंच जाती है। इस अवैध खेल में युवा वर्ग तेजी से फंस रहा है और अब महिलाओं की भागीदारी भी सामने आने लगी है, जो ङ्क्षचता का विषय माना जा रहा है।
अभी तक सट्टा खिलाने वालों के संबंध में किसी प्रकार की औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। जैसे ही कोई ठोस सूचना या शिकायत सामने आएगी, तत्काल जांच कर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी- भोला सिंह राजपूत, कोतवाली थाना प्रभारी