Ram Navami 2025: कहा जाता है कि भद्राचलम मंदिर में भगवान राम और सीता के विवाह में जो आभूषण उपयोग में लाए जाते हैं वह कुतुब शाह ने भगवान को भेंट किए थे। मंदिर में भगवान के विग्रह पर दिखने वाले सभी आभूषण कुतुब शाह के वक्त के बताए जाते हैं।
Ram Navami 2025: बी मुत्याल राव/दक्षिण के अयोध्या के रूप में प्रसिद्ध तेलंगाना के भद्राचलम में रामनवमी पर भगवान राम का जन्मोत्सव नहीं बल्कि उनका विवाह उत्सव मनाया जाता है। यह दुनिया का अनूठा मंदिर है जहां भगवान राम के विवाह का कल्याणम यानी विवाह उत्सव मनाने के लिए देशभर से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं।
रामनवमी पर आज यहां विवाह उत्सव के मौके पर लाखों श्रद्धालु तेलंगाना के अलावा देशभर से पहुंचते हैं। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी भी मंत्रीमंडल के साथ कल्याणम में शामिल होने के पहुंचेेंगे और भगवान को मोती अर्पित करेंगे। यह परंपरा गोलकुंडा सल्तनत के शासक कुतुब शाह के वक्त से चली आ रही है।
बताया जाता है कि, कुतुब शाह ने अपने राजस्व अधिकारी को यह कहते हुए जेल भेज दिया था कि उन्होंने जजिया कर के पैसे मंदिर के निर्माण में लगाए। उसे 12 साल की जेल की सजा देते हुए कहा गया कि 12 साल में कर की राशि जमा की जाए।
सजा पूरी होने के अंतिम दिन कुतुब शाह के सपने में भगवान राम आए और जब कुतुब शाह की नींद खुली तो उसके शयन कक्ष में सोने के सिक्के रखे हुए थे। इसके बाद कुतुब शाह को अपनी गलती का अहसास हुआ और उसने राजस्व अधिकारी को रिहा करते हुए उसे जीवनभर पेंशन दी। कुतुब शाह उस दौर में भगवान के विवाह पर मोती अर्पित किया करता था, यह परंपरा लोकशाही में मुख्यमंत्री निभाते हैं।
कहा जाता है कि भद्राचलम मंदिर में भगवान राम और सीता के विवाह में जो आभूषण उपयोग में लाए जाते हैं वह कुतुब शाह ने भगवान को भेंट किए थे। मंदिर में भगवान के विग्रह पर दिखने वाले सभी आभूषण कुतुब शाह के वक्त के बताए जाते हैं। परंपरा के अनुसार दिव्य जोड़े भगवान राम और सीता को राज्य के मुख्यमंत्री पट्टू वस्त्रम और मुत्याला तलम्बरालु (मोती) भेंट करते हैं।
दक्षिण भारत में इस दिन भगवान राम को विशेष प्रसाद जिसे नैवेद्यम कहा जाता है अर्पित करते हैं। यह एक प्रकार का लड्डू होता है। इसके अलावा भी दक्षिण भारत में कई अन्य प्रकार के प्रसाद जैसे पानकम् इलायची और अरदक से बना एक शीतल पेय का भोग भी भगवान राम को लगाया जाता है।
Ram Navami 2025: उत्सव से पहले भद्राचलम जगमगा रहा है। यहां लाखों श्रद्धालु पहुंचे हैं तो व्यवस्था में 5000 पुलिस जवानों की ड्यूटी लगाई गई है। मॉनिटरिंग सेंटर में सीसीटीवी से पूरे आयोजन की निगरानी की जा रही है। श्रद्धालुओं को किसी तरह की दिक्कत ना हो इसलिए तेलंगना सरकार ने यहां पर कई तरह की सुविधाएं विकसित की हैं।