Tiranga Nyay Yatra: राजेंद्र बघेल ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र ठोस निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन और उग्र होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन की होगी।
Tiranga Nyay Yatra: छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के 16,000 से अधिक कर्मचारी अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। नियमितीकरण, ग्रेड पे, पब्लिक हेल्थ कैडर की स्थापना और लंबित 27 प्रतिशत वेतनवृद्धि सहित कई मुद्दों पर सरकार की अनदेखी से नाराज़ कर्मियों ने सोमवार को तिरंगा न्याय यात्रानिकालते हुए सरकार पर दबाव बनाया।
हड़ताल के चलते प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएँ चरमरा गई हैं। सीएचओ संघ के अध्यक्ष मनीष देवांगन ने कहा कि कर्मचारियों ने कई बार मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की, लेकिन हर बार अनदेखी हुई। यहां तक कि 27त्न वेतनवृद्धि, मेडिकल अवकाश और ग्रेड पे पर स्वीकृति मिलने के बावजूद आदेश जारी नहीं किए गए।
कार्यक्रम में सरिता मालवीय ने गीतों के माध्यम से कर्मचारियों की पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएँ बाधित होने की जिम्मेदारी पूरी तरह से सरकार की है, जो कर्मचारियों को बार-बार आंदोलन के लिए मजबूर कर रही है।
Tiranga Nyay Yatra: इस दौरान संघ के पदाधिकारी और सदस्य अर्जुन नेताम, अशोक चीनडा, रजत नाग, बंशी कश्यप, राजेंद्र नेताम, राजेंद्र बघेल, अनिल कश्यप, डॉ. रजत चौहान, डॉ. गौरव चौरसिया, चंचल जोशी, कैलाश तिवारी, रेनू राम कश्यप, ढोल कुमार प्रजापति, प्रकाश जोशी, मनिंदर कौर, सुभान कुमार, मनोज नाइक और अशोक बघेल सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।
ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के अस्पतालों में अव्यवस्था बढ़ गई है और कई अस्पताल पूरी तरह बंद होने की कगार पर हैं। राजेंद्र बघेल ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र ठोस निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन और उग्र होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन की होगी।