
Vegetable Price Hike:बस्तर में टमाटर के बाद अब आलू, प्याज समेत अन्य जरूरी सामान भी अपने तेवर दिखा रहे है। दो हफ्ते के अंदर टमाटर की कीमतों में जहां 300 प्रतिशत से अधिक का उछाल आया, वहीं इसके बाद अब प्याज और आलू के दाम भी तीन गुना तक बढ़ गए है।
पहले जहां आलू व प्याज की कीमत 15 रुपए तक मिल जा रहे थे वहीं अब इसकी कीमत बाजार में बढ़कर 40 से 50 रुपए तक पहुंच चुकी है। दाम में अचानक आए इस उछाल से जहां एक ओर लोग आश्चर्यचकित हैं, वहीं दूसरी ओर किचन का बजट गड़बड़ा गया है। पत्रिका की पड़ताल में पता चला है कि कीमत में उछाल के पीछे बाहरी और लोकल आवक में भारी कमी है। पिछले कुछ हफ्ते में यह दोनों ही प्रभावित हुई है। जिसकी वजह से यह उछाल आया है।
आलू प्याज व टमाटर के विकल्प खोज रहे लोग : आलू, प्लाज व टमाटर महंगे होने के चलते लोगों का बजट बिगडऩा शुरू हो गया है। इसलिए अब लोग इनका विकल्प ढूंढ रहे हैं। व्यापारी संजीव ने बताया कि टमाटर की कीमत बढऩे का बिक्री पर सीधा असर बढ़ा है। वे रोजाना जितना माल बेचते थे आज उसकी कीमत बढऩे की वजह से बिक्री आधी रह गई है। बिक्री कम न हो इसका भी ध्यान रखना आवश्यक है क्योंकि इसमें माल खराब होने का डर रहता है। यही वजह है कि वे कई बार नुकसान में भी माल बेच रहे हैं। वहीं सामान खरीदने पहुंच रहे लोगों का भी कहना है कि महंगाई कम होनी चाहिए।
खासकर टमाटर, आलू और प्लाज की कीमतों के बढऩे की तरफ नजर डालें पता चलता है कि पिछले कुछ हफ्ते में ही इसमें अचानक उछाल आया है। शहर की सबसे बड़ी मंडी संजय बाजार के व्यापारी बताते हैं कि बस्तर में आलू और प्याज को लेकर हम पूरी तरह से दूसरे राज्यों पर निर्भर रहते हैं। टमाटर की खेती यहां होती है, लेकिन उसकी क्वालिटी उतनी अच्छी नहीं है और न ही इतना उत्पादन की इससे बस्तर की मांग को पूरा किया जा सके। यही वजह है कि इनके लिए आंध्र, तेलंगाना और तमिलनाडू समेत अन्य राज्यों से मंगाना पड़ता है।
सब्जी थोक - रिटेल
आलू 30-35 - 40-45
प्याज 34-38 - 40-50
टमाटर 50-60 - 60- 70
पंकज सिंघल, अध्यक्ष, संजय मार्केट व्यापारी संघ का कहना है कि बस्तर में आवक प्रभावित हुई है। कीमत में जो उछाल आया है वह अभी स्थिर या और बढ़ सकते हैं। क्योंकि आंध्र से आलू और प्याज आता है वहां से फिलहाल 15 जुलाई तक नए माल के आने की जानकारी आ रही है। वहीं टमाटर का आवक भी कम हो गया है। थोक बाजार भी आम लोगों की स्थिति को गंभीरता से देख रहा है। यही वजह है कि मार्जिन कम करके भी लोगों तक आसानी से सामान उपलब्ध हो इसे सुनिश्चित किया जा रहा है।