जयपुर

‘रेस्मा’ दरकिनार- राजस्थान में फिर एम्बुलेंस सेवाओं का चक्काजाम, हड़ताल से बढ़ सकती हैं परेशानी

कर्मचारियों की हड़ताल शुरू...एंबुलेंस सेवा ठप, मरीजों को आएगी परेशानी, एंबुलेंस सेवा पर रेस्मा
2 min read
Mar 20, 2018
108 ambulance strike

जयपुर।

प्रदेश के एंबुलेंस कर्मचारी सोमवार से रात से हड़ताल पर आ गए हैं। कर्मचारियों ने मांगों को लेकर सरकार को पूर्व में चेतावनी दी थी। मांगें नहीं मानने पर कर्मचारियों ने एंबुलेंस सेवा 108, 104 और बेस एंबुलेंस का चक्काजाम कर सोमवार से प्रदेशव्यापी हड़ताल शुरू की। उधर, हड़ताल के चलते प्रदेश के हजारों मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। सरकार ने हाल ही एंबुलेंस सेवा पर रेस्मा लगा रखा है। इसके बावजूद आंदोलनरत कर्मचारियों ने चेतावनी है कि सरकार गिरफ्तार करना चाहती है तो कर ले, वे आंदोलन जारी रखेंगे।

मुख्य मांग ठेका प्रथा खत्म करना
हड़ताली कर्मचारियों की मुख्य मांग ठेका प्रथा को समाप्त करना है। उनका आरोप है कि ठेका प्रथा के नाम पर उनका शोषण हो रहा है। पूरी मेहनत करने के बाद भी मानदेय के नाम पर बहुत कम वेतन उन्हें मिल रहा है। सरकार ने वादा किया था कि वार्ता से उनकी मांगों का समाधान किया जाएगा। इसके बावजूद सरकार ने कुछ नहीं किया तो प्रदेश के एम्बुलेंस कर्मचारियों में आक्रोश है।

रोजाना पांच हजार फेरे
इस समय प्रदेश में 108 आपातकालीन सेवा की 741 एम्बुलेंस हैं। इसके अलावा 104 जननी एक्सप्रेस की 586 तथा 190 बेस एम्बुलेंस हैं। प्रदेश में इन एम्बुलेंस की हड़ताल होने से दुर्घटनाग्रस्त व आपातकालीन मरीजों को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ेगा। इन सभी एम्बुलेंस की ओर से प्रतिदिन करीब 5 हजार से ज्यादा फेरे विभिन्न अस्पतालों के लगाए जाते हैं। अब मंगलवार से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

एंबुलेंस सेवा पर सितंबर तक है रेस्मा
राज्य सरकार ने हाल ही एक अधिसूचना जारी कर 108 आपातकालीन सेवाओं के साथ 104 जननी एक्सप्रेस, बेस एंबुलेंस एवं 104 टोल फ्री चिकित्सा परामर्श सेवा व इससे संबंधित समस्त कार्यालयों एवं कर्मचारियों तथा उसके कार्यकलापों से संबंधित समस्त सेवाओं को तुरंत प्रभाव से राजस्थान अत्यावश्यक सेवाएं अनुरक्षण अधिनियम-1970 के तहत 16 मार्च से 6 माह तक अत्यावश्यक सेवा घोषित किया है।

यह कंपनी करती है सेवा का संचालन
108 आपातकालीन सेवा, 104 जननी एक्सप्रेस, बेस एंबुलेंस एवं 104 टोल फ्री चिकित्सा परामर्श सेवाओं का संचालन सेवा प्रदाता कंपनी जीवीके ईएमआरआई से इन्टीग्रेटेड एंबुलेंस प्रोजेक्ट के तहत किया जा रहा है।

कर्मचारियों की मुख्य मांगें
- एंबुलेंस सेवा को ठेका प्रथा से मुक्त किया जाए।
- संचालन कंपनी ने कई वर्षों से नहीं बढ़ाया वेतन।
- कर्मचारियों पर झूठे मुकदमे लगाकर निकालने का विरोध।
-संचालन कंपनी 12 घंटे काम करा रही है।
-जिन शर्तों पर नियुक्ति की थी, उन्हें पूरा नहीं किया।
-रेस्मा कानून वापस लिया जाए।

प्रदेश में यह है स्थिति -:
-108 एंबुलेंस-741
-104 जननी एक्सप्रेस-586
-बेस एंबुलेंस-190

Updated on:
20 Mar 2018 08:46 am
Published on:
20 Mar 2018 08:46 am
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