
जयपुर
भ्रष्टाचार की शिकायत होने पर एसएमएस से करीब 150 कर्मचारियों को को इधर उधर किया गया है। इसमें पोलीट्रोमा वार्ड सहित सबसे ज्यादा 3 वार्डों के डॉक्टर्स व नर्सिंग स्टाफ को बदला गया है, जो कई सालों से इन्हीं वार्डों को संभाल रहे थे। अब इन कार्मिकों को ट्रॉमा सेंटर से हटाकर एसएमएस अस्पताल में लगा दिया गया है। वहीं एसएमएस से इनकी जगह दूसरे कर्मचारी लगाए है।
अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पहुंचने पर मरीज के परिजनों ने भ्रष्टाचार की शिकायत सीएम से की थी। जिसके बाद अस्पताल प्रशासन ने एक्शन लेते हुए कई सालों से एक ही स्थान पर जमे इन चिकित्साकर्मियों को इधर उधर कर दिया हैं।
वहीं सीएम को परिजनों ने वार्ड बॉय की शिकायत भी की थी। जिन्हें शांतिभंग के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन सीएम तक पहुंची शिकायतों के आधार पर अस्पताल प्रशासन ने एक्शन लेते हुए कई सालों बाद चिकित्साकर्मियों को इधर से उधर किया हैं। हालांकि जिन नर्सिंगकर्मियों व डॉक्टर्स को इधर उधर किया गया है वह इस फैसले से खुश नहीं हैं।
जांच में इस तरह की मिली अनियमित्तता
बताया जाता है कि सीएम तक जिन कर्मचारियों की शिकायत मिली थी, उन पर पैसे के लेन देने का तक का आरोप लगा था! इनमें से कई तो ऐसे थे जिन्होंने दो साल से नाइट डयूटी और क्लिनिकल डयूटी तक नहीं की थी।
यह कर्मचारी नर्सिंग कामकाज करने की जगह दूसरी जगह का कामकाज संभाल रहे थे। अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार 23 नर्सिंगकर्मियों ने तो वार्ड में ड्यूटी लगवाने की जगह ऑक्सीजन प्लांट में डयूटी लगवा लगी थी। जिन्हें भी हटाकर अब नर्सिंग कार्य में लगाया गया है।
एसएमएस अस्पताल के अधीक्षक डॉ.विनय मल्हौत्रा ने बताया कि व्यवस्थाओं में सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत वार्डों में मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा मिल सके,इसी की दिशा में यह प्रयास कर नर्सिंग सुपरिडेंट ने नर्सिंगकर्मियों को इधर उधर किया है और कुछ डॉक्टर्स को एसएमएस से ट्रोमा में भेजा गया है और ट्रोमा से हटाए गए कार्मिकों को एसएमएस में लगाया गया है।