जयपुर

Paper Leak: सहायक लेखाधिकारी ने भाई के लिए ₹7.50 लाख में खरीदा पेपर, आया मेरिट में 18वां स्थान, SOG ने किया गिरफ्तार

उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा-2021 के बहुचर्चित पेपरलीक मामले में एसओजी को बड़ी सफलता मिली है। टीम ने 10 हजार रुपए के इनामी सहायक लेखाधिकारी नागेश कुमार यादव को गिरफ्तार किया है, जिसने अपने भाई को एसआई भर्ती में चयनित करवाने के लिए ₹7.50 लाख में पेपर खरीदा था।

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Jun 09, 2026
Assistant Accounts Officer Nagesh Yadav
आरोपी सहायक लेखाधिकारी नागेश कुमार की फोटो: पत्रिका

Assistant Accounts Officer Nagesh Yadav Arrested: उपनिरीक्षक (एसआइ) भर्ती परीक्षा-2021 पेपरलीक प्रकरण में SOG ने 10 हजार रुपए के इनामी सहायक लेखाधिकारी नागेश कुमार यादव को सीकर पुलिस की मदद से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने अपने भाई सुरजीत सिंह यादव को परीक्षा पास करवाने के लिए साढ़े सात लाख रुपए में पेपर खरीदा था, जिसके दम पर उसका भाई मेरिट में 18वें स्थान पर आया था। इस मामले में अब तक कुल 144 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि तत्कालीन आरपीएससी सदस्य बाबूलाल कटारा से एसआइ भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र और उत्तर कुंदन कुमार पंड्या ने हासिल किए थे। कुंदन ने इन्हें संदीप कुमार लाटा और पुरुषोत्तम दाधीच तक पहुंचाया। पुरुषोत्तम दाधीच उस समय उदयपुर में स्थानीय निधि अंकेक्षण विभाग में सहायक लेखाधिकारी के पद पर तैनात था।

आरोपी नागेश और पुरुषोत्तम एक ही विभाग में होने के कारण परिचित थे। नागेश ने अपने भाई सुरजीत को फायदा पहुंचाने के लिए पुरुषोत्तम से 7.50 लाख रुपए में सौदा कर प्रश्नोत्तर का सेट हासिल कर लिया। इसके बाद परीक्षा से ठीक पहले उसने व्हाट्सऐप के जरिये यह पूरा सेट अपने भाई को भेज दिया।

जांच में सामने आया कि प्रश्नपत्र और उत्तरों का यह सेट परीक्षा से पहले चुनिंदा अभ्यर्थियों तक पहुंचाया गया था। एसओजी की पड़ताल में यह भी सामने आया कि आरोपी लगातार एक-दूसरे के संपर्क में थे और पूरी साजिश को गोपनीय रखने का प्रयास कर रहे थे। पेपर मिलने के बाद सुरजीत ने कई दिनों तक प्रश्नों और उत्तरों की तैयारी की, जिससे उसे परीक्षा में बड़ा फायदा मिला।

पेपर पढ़कर भाई लाया था 190 अंक

प्रश्नों को रटकर परीक्षा में बैठे सुरजीत सिंह यादव ने हिंदी विषय में 200 में से 190.79 अंक और सामान्य ज्ञान में 200 में से 158.27 अंक हासिल किए। वह उपनिरीक्षक पद पर चयनित हो गया था। आरोपी सुरजीत और पुरुषोत्तम को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर कोर्ट में चार्जशीट पेश कर चुकी है। एसओजी का कहना है कि मामले में अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

ड्यूटी छोड़कर भागा था आरोपी

सीकर के श्रीमाधोपुर निवासी नागेश कुमार यादव पेपरलीक प्रकरण उजागर होने के बाद पंचायत समिति अजीतगढ़ (सीकर) में सहायक लेखाधिकारी के पद से अचानक गायब हो गया था। वह लगातार अपने ठिकाने बदलकर पुलिस को चकमा दे रहा था, जिस पर एसओजी ने 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। आरोपी की तलाश में कई जिलों में दबिश दी गई और उसके परिचितों से भी पूछताछ की गई। लंबे समय तक फरार रहने के बावजूद वह आखिरकार सीकर पुलिस और एसओजी की संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार कर लिया गया।

Updated on:
09 Jun 2026 07:34 am
Published on:
09 Jun 2026 07:25 am