राजधानी जयपुर को ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाने के लिए विशेषज्ञों की सलाह थी कि द्रव्यवती नदी पर एलिवेटेड रोड बनाई जाए। जिसपर सीएम भजनलाल शर्मा ने सहमति जता दी है।
जयपुर। ट्रैफिक समस्या से जूझ रहे गुलाबी नगर को अब द्रव्यवती नदी से आस है। नदी के ऊपर एलिवेटेड रोड की संभावनाओं की तलाश की जाएगी। शुक्रवार को विधानसभा में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बजट रिप्लाई में इसकी घोषणा की। अब जेडीए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करवाएगा।
द्रव्यवती नदी के ऊपर 36 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड के लिए डीपीआर बनाई जाएगी। नदी की कुल लम्बाई 47.5 किमी है। योजना धरातल पर उतरी तो लाखों लोगों की राह सुगम होगी। जेडीए अधिकारियों की मानें तो पाचीपेच से सांगानेर तक इस एलिवेटेड रोड को ले जाया जाएगा।
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द्रव्यवती नदी के ऊपर प्रस्तावित यह एलिवेटेड रोड एक वैकल्पिक ट्रैफिक कॉरिडोर के रूप में काम करेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, यह सड़क शहर के प्रमुख मार्गों जैसे सीकर रोड, अजमेर रोड, टोंक रोड और दुर्गापुरा क्षेत्र से कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगी। इससे मुख्य सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होगा और आवागमन सुगम होगा।
इधर, जेडीए ने भी नदी के दोनों ओर 100-100 मीटर को बफर जोन घोषित किया है। माना जा रहा है कि जेडीए दोनों विकल्पों पर काम करेगा। क्योंकि शहर के बाहरी इलाके में नदी किनारे सडकें बनी हुई हैं और 20 से 25 किमी क्षेत्र में जगह भी खाली है। पुरानी चुंगी से हसनपुरा की ओर आने पर नदी किनारे मकान बने हुए हैं। यहां पर जेडीए को सड़क बनाने के लिए मशक्कत करनी होगी।