जयपुर

भूखे रहकर मरने पर ईसाई अनुयायियों को दिखाया स्वर्ग जाने का सपना, कब्रिस्तान से 47 शव मिले

अंधविश्वास : केन्या में आमरण अनशन के लिए उकसाने वाला पादरी गिरफ्तार
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Updated: 25 Apr 2023, 2:23 AM IST
कब्रिस्तान से 47 शव मिले
कब्रिस्तान से 47 शव मिले

नैरोबी. केन्या की पुलिस ने ईसाई पंथ के अनुयायियों के मामले की जांच के दौरान एक कब्रिस्तान से 47 शव निकाले हैं। शव उन लोगों के हैं, जो मानते थे कि अगर वे भूखे रहकर मर जाएंगे तो स्वर्ग जाएंगे और भगवान से मिलेंगे। जिस जमीन पर शव मिले हैं, वह एक पादरी की है। पॉल मैकेंजी नाम के इस पादरी को अपने अनुयायियों को आमरण अनशन के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है।
मलिंदी उप-काउंटी पुलिस प्रमुख जॉन केम्बोई के मुताबिक, अभी और कब्रों को खोदना बाकी है। मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। पिछले हफ्ते गुड न्यूज इंटरनेशनल चर्च में चार लोगों की भूख से मौत हो गई थी। पुलिस ने अदालत से कहा कि मैकेंजी को ज्यादा समय तक हिरासत में रखने की अनुमति दी जाए, क्योंकि उसके अनुयायियों की मौत की जांच जारी है। पुलिस को पिछले हफ्ते पहला शव मिला था। इसके बाद तलाशी अभियान शुरू किया गया। शुक्रवार को किलिफी काउंटी में मालिंदी के पास शाखोला में 325 हेक्टेयर के जंगल में खुदाई शुरू की गई। केन्या के आंतरिक मंत्री किथुरे किंडिकी ने शव मिलने के बाद इसे 'शकाहोला जंगल नरसंहार' बताया।

जेल में ही शुरू कर दी भूख हड़ताल
केन्या के एनटीवी चैनल ने बताया कि पादरी मैकेंजी ने गिरफ्तार होने के बाद जेल में भूख हड़ताल शुरू कर दी है। पुलिस ने ऐसे 15 उपासकों को बचा लिया, जिनसे खुद को भूखा मरने के लिए कहा गया था।

भोजन से इनकार
रिपोर्ट के मुताबिक, चर्च की एक महिला सदस्य ने तकलीफ होने के बाद भी खाने से इनकार कर दिया। भोजन देने पर उसने अपना मुंह मजबूती से बंद कर लिया। वह उपवास जारी रखना चाहती थी। पुलिस का मानना है कि चर्च के कुछ सदस्य जंगल में छिपे हुए हैं।

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