जयपुर

राजस्थान के वो 5 नगर निगम… जहां जोड़-तोड़ के गणित से बनेगा बोर्ड, निर्दलीयों को साधने में जुटी BJP-कांग्रेस

Rajasthan Nagar Nikay Election Result: राजस्थान के 10 नगर निगमों के चुनाव नतीजों के बाद अब बोर्ड गठन को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। भाजपा को जयपुर, कोटा, उदयपुर और भीलवाड़ा में स्पष्ट बहुमत मिला है। वहीं, कांग्रेस बीकानेर में बहुमत हासिल करने में सफल रही।
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Sep 15, 2026
rajasthan nagar nikay election result
नगर निगमों में बोर्ड बनाने के लिए जोड़-तोड़ में जुटी बीजेपी और कांग्रेस। फोटो: पत्रिका

जयपुर। राजस्थान के 10 नगर निगमों के चुनाव नतीजों के बाद अब बोर्ड गठन को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। भाजपा को जयपुर, कोटा, उदयपुर और भीलवाड़ा में स्पष्ट बहुमत मिला है। वहीं, कांग्रेस बीकानेर में बहुमत हासिल करने में सफल रही। शेष पांच निगमों में किसी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। ऐसे में 5 निगमों में बोर्ड बनाने के लिए भाजपा और कांग्रेस दोनों ही निर्दलीय पार्षदों को साधने और समर्थन जुटाने की जोड़-तोड़ की गणित में जुट गई हैं।

बता दें कि जोधपुर में भाजपा और कांग्रेस ने 44-44 वार्ड जीते, जबकि 11 निर्दलीय निर्णायक स्थिति में हैं। भरतपुर में सबसे ज्यादा निर्दलीय जीते हैं। अलवर में भाजपा बढ़त पर है, लेकिन बहुमत से दूर है। अजमेर और पाली में कांग्रेस आगे रही, पर स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। ऐसे में इन निगमों में बोर्ड गठन के लिए निर्दलीयों को साधने के साथ ही बीजेपी और कांग्रेस जोड़-तोड़ की गणित में जुट गई है।

इन 5 नगर निगमों में फंसा पेच

1. Jodhpur Nagar Nigam: जोधपुर नगर निगम के 100 वार्डों में से घोषित 99 सीटों में से कांग्रेस व भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 44-44 विजयी हुई है। एक सीट पर ईवीएम में तकनीकी गड़बड़ी के चलते मतगणना रोक दी। अब इस वार्ड के लिए पुनर्मतदान होगा। स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने पर अब बोर्ड बनाने में निर्दलीय व अन्य 11 पार्षद निर्णायक होंगे।

2. Bharatpur Nagar Nigam: भरतपुर नगर निगम के 65 वार्डों के चुनाव परिणाम में निर्दलीय उम्मीदवारों ने सर्वाधिक 36 वार्डों में जीत दर्ज की है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी के 20, कांग्रेस के 7, बहुजन समाज पार्टी के 1 तथा राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के 1 उम्मीदवार विजयी रहे हैं। नतीजे आते ही जिनके जीतने की उम्मीद नहीं थी, उनके जीतते ही भाजपा ने बाड़ेबंदी में ले जाना शुरू कर दिया। भाजपा नेताओं ने देर शाम साफ कर दिया कि वह बोर्ड बनाकर रहेंगे। उनके पास बहुमत से ज्यादा पार्षद आ चुके हैं।

3. Alwar Nagar Nigam: अलवर नगर निगम के 65 वार्डों के परिणामों में भाजपा को 28, कांग्रेस को 23, बसपा को एक और निर्दलीयों को 13 वार्डों में जीत मिली है। बोर्ड बनाने के लिए 33 पार्षदों का समर्थन जरूरी है। भाजपा को बहुमत के लिए 5 और कांग्रेस को 10 निर्दलीयों का साथ जुटाना होगा। ऐसे में निर्दलीय पार्षदों की राजनीतिक अहमियत अचानक बढ़ गई है। दोनों दलों की नजरें अब उन पार्षदों पर है, जो सत्ता का समीकरण बदलने की ताकत रखते हैं।

4. Ajmer Nagar Nigam: अजमेर नगर निगम के 80 वार्डों के चुनाव नतीजों में बड़ा उलटफेर देखने को मिला। मतदाताओं ने अप्रत्याशित उलटफेर करते हुए भाजपा को 36 साल बाद झटका दिया। भाजपा 80 में से 32 वार्ड ही जीत सकी। कांग्रेस ने 37 वार्ड जीतकर चौका दिया। हालांकि दोनों ही दलों को निगम में पूर्ण बहुमत नहीं मिल सका। निर्दलीय और और बागी 11 वार्ड जीतने में सफल रहे। अब सत्ता की चाबी निर्दलीयों के हाथ में आ गई है। दोनों दल बहुमत का आंकड़ा पाने के लिए जोड़-तोड़ में जुटे हुए हैं।

5. Pali Nagar Nigam: पाली नगर निगम चुनाव के नतीजों ने सत्ता का रास्ता साफ करने के बजाय सियासी उलझन और बढ़ा दी है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही बहुमत के जादुई आंकड़े से दूर हैं। अब 15 निर्दलीय पार्षदों के हाथ में बोर्ड गठन की चाबी है। ऐसे में महापौर की कुर्सी के लिए दोनों दलों में अंदरखाने लामबंदी शुरू हो गई है। कांग्रेस अपना महापौर बनाने का दावा कर रही है तो भाजपा भी निर्दलीय के सहयोग से अपना महापौर बनाने की बात कह रही है। पार्षदों को अपने खेमे में रखने से लेकर निर्दलीयों को साधने तक का सियासी खेल तेज हो गया है।