जयपुर

उपचुनाव में मतदाताओं को रिझाने के चक्कर में इन जरूरतों को भूल गई प्रदेश सरकार, अब ये शहर भगवान भरोसे

जयपुर सहित 4 जिलों नागौर, सीकर, झुंझुनंू का चिकित्सा ढांचा किया डांवाडोल...
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Updated: 16 Oct 2017, 2:03 PM IST
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जयपुर। डॉक्टरों की भारी कमी के बीच राज्य सरकार ने 12 जिलों के चिकित्सा ढांचे को चरमरा दिया है। उपचुनाव वाले क्षेत्रों के मतदाताओं को रिझाने के लिए सरकार इन जिलों की जनता की चिकित्सा जरूरतों को भूल गई है। कार्यव्यवस्था के तहत चिकित्सा विभाग ने हाल ही जारी की गई 68 चिकित्सकों की तबादला सूची में इन जिलों के डॉक्टरों को इधर-उधर कर दिया है। इनमें से जयपुर , नागौर, सीकर और झुंझुनूं के करीब एक दर्जन या इससे भी अधिक डॉक्टरों को चुनाव वाले क्षेत्रों में भेज दिया है।

डॉक्टरों को चुनाव वाले क्षेत्रों में भेजे जाने के कारण इन जिलों का चिकित्सा ढांचा डांवाडोल हो गया है। जबकि इन जिलों के अस्पतालों में में मरीजों का पहले से ही भारी दबाव है। यहां की जरूरतों के मद्देनजर ही डॉक्टरों को यहां लगाया गया था। अब विभाग ने यहां के लोगों को वापस भगवान भरोसे छोड़ दिया है। सूची में एक डॉक्टर को अलवर जिले से अलवर के ही एक अन्य अस्पताल में लगाया गया है।

संकट पहले से, अधिक होना तो संभव ही नहीं
राज्य में ज्यादातर अस्पताल डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे हैं। ऐसे में संभव नहीं है कि 12 जिलों में डॉक्टर अधिक थे। सवाल यह भी उठ रहा है कि अधिक थे तो सरकार ने इन्हें पहले ही जरूरत वाली जगहों पर क्यों नहीं लगा दिया। सूची में कुछ अस्पताल ऐसे भी हैं, जहां से एक से अधिक डॉक्टरों का तबादला किया गया है।

नए कॉलेज नहीं खोल पाई सरकार
राज्य में डॉक्टरों की भारी कमी के मद्देनजर 4 साल पहले 8 नए मेडिकल कॉलेज खोलने की कवायद शुरू की गई थी लेकिन आज तक एक भी कॉलेज में प्रवेश शुरू नहीं हो पाया है। राज्य सरकार ने बीते सत्र से 5 कॉलेज खोलने का दावा किया था लेकिन एक भी कॉलेज को मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने अनुमति नहीं दी। इससे राजस्थान फिर से एक साल पीछे हो गया है। जबकि प्रदेश में 8 नए मेडिकल कॉलेज खोले जाने पर 800 नए डॉक्टर हर साल तैयार हो सकते हैं।

किस जिले से कितने डॉक्टर हटाए
जयपुर 16
सीकर 13
नागौर 12
झुंझुनूं 09
सवाईमाधोपुर 04
गंगापुरसिटी 04
टोंक 04
बूंदी 03
दौसा 02
उदयपुर 01
भीलवाड़ा 01
चित्तौडगढ़़ 01
कोटा 01

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