Army Day Parade: गुलाबी नगरी जयपुर आज इतिहास के एक स्वर्णिम अध्याय का साक्षी बना। जयपुर की सड़कों पर ब्रह्मोस मिसाइल और पिनाका लॉन्चर को आम लोगों ने देखा।
जयपुर। गुलाबी नगरी जयपुर आज इतिहास के एक स्वर्णिम अध्याय का साक्षी बना। भारतीय सेना का 78वां सेना दिवस पहली बार दिल्ली और आर्मी कैंट से बाहर राजस्थान की राजधानी जयपुर में मनाया गया। जगतपुरा स्थित हरे कृष्णा मार्ग (महल रोड) पर भव्य सेना दिवस परेड के जरिए जयपुर सैन्य शौर्य, पराक्रम और अनुशासन का मंच बना। जयपुर की सड़कों पर ब्रह्मोस मिसाइल और पिनाका लॉन्चर को आम लोगों ने देखा। वहीं, वायुसेना के अपाचे हेलिकॉप्टर ने आसमान में दुश्मनों के होश उड़ाने वाले करतब दिखाए।
परेड की शुरुआत ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए जवानों को सेना मेडल से सम्मानित करने के साथ हुई थी। इसके बाद गैलेंट्री अवॉर्ड से सम्मानित आर्मी ऑफिसर्स ने परेड कमांडर को सलामी दी। परेड में भारतीय सेना की आधुनिक सैन्य शक्ति का प्रभावशाली प्रदर्शन किया गया।
टैंक, अत्याधुनिक तोपें, मिसाइल सिस्टम, एयर डिफेंस सिस्टम, रॉकेट लॉन्चर, ड्रोन और रोबोटिक सिस्टम के जरिए दुनिया को भारतीय सेना की ताकत का संदेश दिया। सेना के लड़ाकू हेलिकॉप्टर ने परेड के दौरान पुष्पवर्षा की। वहीं, भारतीय वायुसेना के जगुआर फाइटर जेट्स ने हवाई पास्ट कर आसमान में शक्ति और शौर्य का प्रदर्शन किया।
भारतीय सेना का 46 मीटर का मॉड्यूलर ब्रिज एक तेजी से तैयार होने वाला मैकेनिकल ब्रिजिंग सिस्टम है, जो नदियों और खाई को जल्दी से क्रॉस करने में मदद करता है। इसका भी परेड के दौरान प्रदर्शन किया गया।
61वीं कैवेलरी कंटिंजेंट घुड़सवारों का दल परेड में निकला। 61वीं कैवेलरी वर्ल्ड की एकमात्र एक्टिव घुड़सवार कैवलरी रेजिमेंट है। इसकी स्थापना 1953 में स्टेट फोर्सेज कैवलरी यूनिट्स के एकीकरण से की गई थी। इसे इतिहास में अंतिम घुड़सवार चार्ज का नेतृत्व करने का विशिष्ट गौरव प्राप्त है।
परेड में प्रदर्शित झांकियों में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के साथ राजस्थान की समृद्ध लोक कला और संस्कृति की झलक भी देखने को मिली। साथ ही नेपाली सेना के बैंड की विशेष प्रस्तुति ने समारोह को अंतरराष्ट्रीय रंग दिया।
परेड में भैरव बटालियन, 61 कैवलरी, राजपूत रेजिमेंट, मद्रास रेजिमेंट, गढवाल रेजिमेंट के जवानों का जोश देखने को मिला। साथ ही बैंड, एनसीसी कैडेटस व हथियारों के प्रदर्शन में महिलाओं की भागीदारी भी देखने को मिली।
खास बात यह है कि परेड की अगुवाई परमवीर चक्र, अशोक चक्र और महावीर चक्र विजेताओं ने की। इस दृश्य ने देशभक्ति और गर्व की भावना को और प्रबल कर दिया। इस ऐतिहासिक आयोजन में एक साथ देश और प्रदेश के शीर्ष सैन्य व संवैधानिक पदाधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मिजोरम के राज्यपाल वीके सिंह रहे। इस मौके पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ (सीडीएस) अनिल चौहान, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागड़े, डिप्टी सीएम दिया कुमारी, डिप्टी सीीएम प्रेमचंद बैरवा, चीफ ऑफ आर्मी स्टॉफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी सहित कई गणमान्य व सेना के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।