Khatipura- Jaipur Satellite Railway Station: जयपुर के खातीपुरा सैटेलाइट रेलवे स्टेशन के अब नए साल में दिन फिरने वाले हैं। रेलवे अब यहां से दिल्ली सराय रोहिल्ला और दिल्ली कैंट की तर्ज पर नियमित ट्रेनें चलाने की तैयारी में जुट गया है।
Khatipura-Jaipur Satellite Railway Station: जयपुर के खातीपुरा सैटेलाइट रेलवे स्टेशन का हाल अब तक ऐसा था जैसे किसी ने भव्य उद्घाटन तो कर दिया हो, पर काम का बटन दबाना भूल गया हो। चंद ट्रेनें आती‑जाती रहीं, लेकिन स्टेशन की असली भूमिका कभी शुरू ही नहीं हुई। लेकिन अब नए साल में स्टेशन के दिन फिरने वाले हैं।
रेलवे अब यहां से दिल्ली सराय रोहिल्ला और दिल्ली कैंट की तर्ज पर नियमित ट्रेनें चलाने की तैयारी में जुट गया है। यह सौगात यहां बन रहे मेंटीनेंस डिपो के शुरू होते ही मिल जाएगी। वर्तमान में खातीपुरा स्टेशन पर 5 जोड़ी ट्रेनें ही रुक रही हैं। जिनमें औसतन प्रतिदिन 5 हजार यात्री सफर करते हैं।
खातीपुरा से ट्रेनें चलाने पर उनके मेंटीनेंस के लिए जयपुर जंक्शन ले जाना पड़ता था। इसी समस्या को देखते हुए रेलवे ने यहां मेंटीनेंस डिपो बनाने का काम शुरू किया, जो अब अंतिम चरण में है। दावा किया जा रहा है कि, इसके पहले चरण का काम अगले महीने के अंत तक पूरा हो जाएगा। दावा किया जा रहा है कि मार्च माह के अंत तक मेंटीनेंस डिपो में ट्रेनों की मेंटीनेंस सुविधा शुरू हो जाएगी। इसके बाद इस स्टेशन से ट्रेनों का पूर्ण रूप से संचालन संभव हो सकेगा। इससे न केवल समय और संसाधनों की बचत होगी, बल्कि ट्रेन संचालन भी अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित हो सकेगा।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि खातीपुरा से नियमित ट्रेनों के संचालन से यात्रियों को कई फायदे मिलेंगे। खासकर जगतपुरा, गोनेर, आगरा रोड समेत आसपास बसी आबादी को बड़ी राहत मिलेगी। उन्हें गांधीनगर या जयपुर जंक्शन नहीं जाना पड़ेगा, जिससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी।
इस स्टेशन पर प्रवेश और निकास द्वार पर पोर्च का निर्माण, सर्कुलेटिंग एरिया का विकास, पर्याप्त और सुव्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था, प्रवेश हॉल, वेटिंग हॉल, नया स्टेशन भवन, नए प्लेटफार्म शेल्टर समेत कई यात्री सुविधाएं विकसित की गई है।
दरअसल, रेलवे ने जयपुर जंक्शन स्टेशन का भार कम करने के लिए खातीपुरा स्टेशन को प्रदेश के पहले सैटेलाइट स्टेशन के तौर पर विकसित किया था। कोरोना काल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका उद्घाटन भी किया, लेकिन इसके बावजूद यह स्टेशन रेल यात्रियों के लिए पूरी तरह उपयोगी साबित नहीं हो सका।